मंथन स्क्रीनिंग- कान
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गौरतलब है कि बिना आमंत्रण के या विभिन्न वर्गों में चुनी गई फिल्मों के प्रतिनिधि हुए बिना कोई भी कलाकार या तकनीशियन अगर खुद के कान फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बनने का दावा करता है, तो ये फेक न्यूज है। इस फिल्म फेस्टिवल की सबसे महत्वपूर्ण कैटेगरी होती है, कंपटीशन सेक्शन, जिसमें कोई तीन दशक बाद भारत की तरफ से पायल कपाड़िया की फिल्म ‘ऑल वी इमेजिन एज लाइट’ शामिल हुई है। दूसरा अहम सेक्शन कान फिल्म फेस्टिवल का अन सर्टेन रिगार्ड (परिप्रेक्ष्य में) है जिसमें भारतीय फिल्मकार संध्या सूरी की फिल्म ‘संतोष’ शामिल है। फिल्म फेस्टिवल के कान क्लासिक सेक्शन में इस साल श्याम बेनेगल की फिल्म ‘मंथन’ दिखाई गई है।