काम नहीं मिलने पर आलोकनाथ ने नादिरा बब्बर के साथ थियेटर में 30 से 40 शॉर्ट फिल्में कीं। करीब 5 साल तक संघर्ष करने के बाद उनको दिलीप कुमार स्टारर फिल्म 'मशाल' में एक छोटे से किरदार का ऑफर मिला, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। फिल्मों में छोटे-मोटे किरदारों से वो आगे बढ़ते रहे लेकिन उन्हें पहचान मिली 1988 में आई आमिर खान और जूही चावला स्टारर फिल्म 'कयामत से कयामत तक' से। जिसमें उन्होंने गांव के किसान ठाकुर जसवंत सिंह का किरदार निभाया था। उस वक्त उनकी उम्र 32 साल थी।