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Gangubai Kathiawadi: बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में आलिया भट्ट ने बिखेरा हुस्न का जलवा, यहां देखिए तस्वीरें

Thu, 17 Feb 2022 04:24 PM IST
वर्तिका तोलानी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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गंगूबाई काठियावाड़ी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में 'गंगूबाई काठियावाड़ी' के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान जब अभिनेत्री आलिया भट्ट ने प्रवेश किया, तब वहां मौजूद सभी लोगों की निगाहें सिर्फ उन पर ही टिकी हुईं थीं। अपने किरदार के प्रमोशन के लिए आलिया केवल सफेद रंग के ही कपड़ो में नजर आ रही हैं। बर्लिनाले 2022 में भी सफेद रंग की साड़ी पहनकर, आलिया ने अपने खूबसूरत अंदाज और लिबास से लोगों को चकित कर दिया।
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गंगूबाई काठियावाड़ी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
72वें बर्लिन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर में आलिया भट्ट ने तस्वीरें खिंचवाईं, ऑटोग्राफ दिए और अपने प्रशंसकों का अभिवादन किया। बता दें कि फिल्म राजी से लोगों के दिलों पर अपनी धाक जमाने वाली अभिनेत्री तीसरी बार बर्लिनेल में शामिल हुईं हैं। इससे पहले वह बर्लिन में अपनी फिल्म 'हाईवे' और 'गली बॉय' को रिप्रेजेंट कर चुकी हैं। रेड कार्पेट पर वॉक करते हुए आलिया ने अपने किरदार का हुक स्टेप 'उल्टा नमस्ते' किया और दर्शकों को इसकी नकल करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
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गंगूबाई काठियावाड़ी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एक प्रशंसक के अनुरोध पर, अभिनेत्री ने अपना पावर-पैक गंगूबाई का डायलॉग भी बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आलिया ने खुलासा किया कि फिल्म में उनका प्रदर्शन निर्देशक संजय लीला भंसाली के साथ एक लंबी बातचीत के बाद ऐसा निखरकर आया है। आलिया बताती हैं कि संजय लीला भंसाली की दृष्टि में जो गंगूबाई की छवि थी, उसको पर्दे पर लाने के लिए मुझे अपनी आवाज को भारी करना पड़ा था। संजय लीला भंसाली चाहते थे कि मैं ... मेरी आवाज में बेस लेकर आऊं क्योंकि जब मैं बात करती हूं, तब मेरी आवाज बच्चों जैसी लगती है। इसके लिए कई दिनों तक महनत की, घर पर भी मैं भारी आवाज में बात करती थी।
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गंगूबाई काठियावाड़ी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बता दें कि 'गंगूबाई काठियावाड़ी', 'माफिया क्वींस ऑफ मुंबई' पुस्तक का एक रूपांतरण है। इस फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली बताते हैं कि फिल्म एक "क्रूर योद्धा" की कहानी पेश करती है, जो अपने समय से काफी आगे थीं। "यह एक महिला की कहानी है। जिसे सेक्स वर्कर बनने पर मजबूर किया गया था। ये उस नारी की कहानी है, जिसने न केवल अपने लिए बल्कि मौजूद सभी महिलाओं के लिए सम्मान के लिए लड़ाई लड़ी थी। 
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