ali abbas zafar
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देहरादून से आकर मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में बिना किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के बावजूद छा जाने वाले अली अब्बास जफर का सफर हिंदी सिनेमा में बतौर निर्देशक अपना करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक नज़ीर है। फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ के रिलीज होने की तीसरी वर्षगांठ के मौके पर अली कहते हैं, “यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी। खासकर इसलिए कि पहली फिल्म ‘एक था टाइगर’ बहुत बड़ी हिट हो चुकी थी। दूसरी बात यह थी कि हमारी फिल्म ‘सुल्तान’ के बाद आ रही थी। ‘सुल्तान’ पर लोगों ने जिस तरह से प्यार बरसाया था, उससे मेरे और आदित्य चोपड़ा के ऊपर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई। हम पर दर्शकों के सामने एक ऐसी फिल्म पेश करने का दबाव था, जो ‘एक था टाइगर’ में तय किए गए पैमानों से कई गुना आगे की दिखे।”