पुलवामा आतंकी हमला
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विक्रम में बातचीत में बताया, 'हम बहुत गरीब हैं, जीत राम इकलौते घर में कमाने वाले थे। ये मदद हमें उस वक्त मिली है जब हमारे परिवार को इसकी बहुत ज्यादा जरूरत थी। हमारे पास घर नहीं है। जीत के निधन के बाद परिवार में गरीबी वापस आ गई है।