पृथ्वीराज कपूर के फिल्म एक नन्हीं मुन्नी लड़की थी में शैतान का मुखौटा पहनकर डराने के सीन से प्रेरणा पाकर 1972 में हिंदी सिनेमा की सुपरहिट हॉरर फिल्म दो गज जमीन के नीचे बनाने वाले फिल्म निर्माता फतेहचंद रामसे की खुद की कहानी अब बड़े परदे पर उतरने जा रही है। मशहूर अभिनेता अजय देवगन और चर्चित फिल्म अंदाज अपना अपना के निर्माता विनय सिन्हा की बेटी प्रीति ने रामसे ब्रदर्स पर फिल्म बनाने का फैसला किया है। फतेहचंद रामसे अपने सात बेटों के साथ बंबई आए थे और इन सात बेटों ने रामसे ब्रदर्स के नाम से हिंदी सिनेमा में हॉरर फिल्मों का एक नया इतिहास लिख दिया।
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Veerana and Band Darwaza
- फोटो : Mumbai, Amar Ujala
हिंदी सिनेमा में वीराना, पुराना मंदिर, पुरानी हवेली जैसी फिल्में हॉरर सिनेमा की कल्ट फिल्में मानी जाती हैं। दो गज जमीन के नीचे इन फिल्मों की शुरुआत हुई। फतेहचंद रामसे तब की बंबई में ग्रांट रोड स्टेशन के करीब बिजली की दुकान चलाया करते थे और दो गज जमीन के नीचे बनाने से पहले उन्होंने शहीद ए आजम भगत सिंह, रुस्तम सोहराब और एक नन्ही मुन्नी लड़की थी जैसी फिल्में बनाई। ये तीनों फिल्में फ्लॉप रहीं।
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Do Gaz Zameen Ke Neeche
- फोटो : Mumbai, Amar Ujala
एक नन्ही मुन्नी लड़की थी तो फ्लॉप हो गई लेकिन इस फिल्म में पृथ्वीराज कपूर का मुखौटा पहनकर मुमताज को डराने का सीन सुपरहिट रहा। लोगों में इस सीन को लेकर आकर्षण को देख रामसे सीनियर ने दो गज जमीन के नीचे बनाने का फैसला किया। फिल्म की रिलीज से पहले इसका एक आधे घंटे का रेडियो शो विविध भारती पर प्रसारित किया गया। इस रेडियो शो ने फिल्म की रिलीज के पहले ही दिन देश के सारे सिनेमाघरों में हाउसफुल के बोर्ड लगवा दिए थे।
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Ajay Devgn
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
फतेहचंद रामसे के सातों बेटों कुमार रामसे, केशू रामसे, तुलसी रामसे, करन रामसे, श्याम रामसे, गंगू रामसे और अर्जुन रामसे ने अपने पिता की हॉरर फिल्म की विरासत को आगे बढ़ाया। रामसे ब्रदर्स ने ही भारतीय टेलीविजन का पहला हॉरर शो भी जी नेटवर्क के लिए बनाया। अजय देवगन और प्रीति सिन्हा ने रामसे ब्रदर्स की बायोपिक का नाम रखा है ‘द रामसे बायोपिक’। फिल्म को रितेश शाह ने लिखा है।
इस बारे में प्रीति सिन्हा कहती हैं, “रामसे परिवार की तीन पीढ़ियों ने भारत में हॉरर सिनेमा का सफल साम्राज्य स्थापित किया है। मैं और अजय इस बात को लेकर गौरान्वित महसूस कर रहे हैं कि हम इस परिवार के जुनून, मेहनत और शानदार कामयाबी को परदे पर उतारने जा रहा हैं। रामसे परिवार को हम धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने हम पर भरोसा किया और ये बायोपिक बनाने का अधिकार हमें दिया।”