आदिपुरुष
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पर्दे पर राम बनने की कोशिशें अरुण गोविल के बाद तमाम कलाकारों ने कीं, प्रभास में आपको ऐसा क्या दिखा जो राम जैसा है? ये पूछे जाने पर ओम कहते हैं, ‘पहले तो मैं ‘आदिपुरूष’ के बारे में बताता हूं। ये राघव का नाम है। श्रीराम का नाम है। उनका जीवन चरित्र ऐसा है कि पूरी रामचरित मानस लिखनी पडी। मुझमें ऐसी सामर्थ्य नहीं है कि ये पूरी कथा मैं दोहरा पाऊं। मैंने इस गाथा का एक अध्याय चुना है जिससे कि लोगों को उनकी विचारधारा का ज्ञान हो सके। यह राघव के जीवन की एक घटना है। प्रभास को इस चरित्र ने खुद चुना है। लोग कहते हैं कि वह अखिल भारतीय सितारे हैं। लेकिन मुझे उनकी देहयष्टि, उनका शरीर सौष्ठव और उनकी भाव भंगिमाएं इस चरित्र के लिए बिल्कुल उचित लगीं।’