फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sushma Seth Birthday: फिल्मों वाली यह दादी-नानी याद हैं? अगर नहीं तो खबर पढ़कर ताजा हो जाएंगी यादें

Mon, 20 Jun 2022 10:06 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
सुषमा सेठ - फोटो : सोशल मीडिया
बॉलीवुड में कई अभिनेत्रियों ने मां, चाची, मौसी, दादी और नानी के किरदारों को अपनी अभिनय प्रतिभा से फिल्मों में जीवंत किया है। भले ही वह किरदार छोटे रहे, लेकिन महत्वपूर्ण रहे और दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ सके। इन्हीं कुछ किरदारों के लिए अभिनेत्री सुषमा सेठ को जाना जाता है। उन्होंने 70, 80 और 90 के दशक में कई फिल्मों में शानदार रोल किए हैं। सुषमा सेठ ने पर्दे पर जरा देर से दस्तक दी, लेकिन अपने अभिनय का लोह मनवाने में वह सफल रहीं।  रील लाइफ में उन्होंने ऋषि कपूर से लेकर शाहरुख खान, अक्षय कुमार, ऋतिक रोशन, अनिल कपूर और प्रीति जिंटा समेत कई सितारों की दादी, मां और नानी के किरदार अदा किए हैं। 'जुनून', 'सिलसिला', 'प्रेम रोग', 'तवायफ', 'नागिन', 'निगाहें', 'दीवाना', 'चांदनी', 'धड़कन', 'कभी खुशी कभी गम' और 'कल हो न हो' जैसी फिल्मों ने इन्होंने काम किया है। आज उनका जन्मदिन है। आइए जानते हैं, इनके यादगार किरदार...
विज्ञापन

2 of 7
सुषमा सेठ - फोटो : सोशल मीडिया
टीवी सीरियल से की शुरुआत
सुषमा सेठ का जन्म 20 जून वर्ष 1936 में दिल्ली में हुआ था। इनकी पढ़ाई-लिखाई भी यहीं से पूरी हुई। इनके परिवार के सभी लोगों को कला में गहरी रुचि थी, इसलिए सुष्मा सेठ का रुझान भी इसी ओर रहा। सुषमा सेठ को 'हमलोग' सीरियल जल्दी मिल गया था और इन्होंने इससे अपने पैर भी जमा लिए। 'हमलोग' में इन्होंने इमरती देवी का किरदार निभाया था। इस किरदार से वह दादी के रूप में मशहूर हो गईं। खुद उनको भी यह किरदार इतना पसंद आया था कि उन्होंने किरदार सुनते ही हां कर दी थी। कहानी में एक ऐसा मोड़ आया था, जब दादी का रोल खत्म हो रहा था और उन्हें मरना पड़ता। जब इनके प्रशंसकों को पता चला तो उन्होंने दूरदर्शन को खूब चिट्ठियां लिखीं और कहा कि वह दादी को न मारें। इस बात का जिक्र खुद सुषमा सेठ ने कपिल शर्मा के 'द कपिल शर्मा शो' में किया था।
विज्ञापन

3 of 7
'जुनून' - फोटो : सोशल मीडिया
'जुनून' 
सुषमा सेठ ने छोटे पर्दे पर जल्दी ही पहचान बना ली थी, लेकिन फिल्मी पर्दे तक पहुंचते-पहुंचते उन्हें काफी वक्त लगा। 42 साल की उम्र में सुषमा सेठ को पहली फिल्म 'जुनून' (1978) मिली, जो श्याम बेनेगल के निर्देशन में बनी थी। यह फिल्म इनके करियर के लिए शानदार ओपनिंग थी। इसके बाद सुषमा सेठ को कभी पीछे मुड़कर नहीं देखना पड़ा। फिल्म में शशि कपूर, जेनिफर केंडल, नफीसा अली, टॉम ऑल्टर, शबाना आजमी, कुलभूषण खरबंदा, नसीरुद्दीन शाह, दीप्ति नवल, पर्ल पद्मश्री और खुद सुषमा सेठ ने मुख्य भूमिकाएं निभाई है। सुषमा सेठ ने फिल्म में शशि कपूर के किरदार जावेद खान की चाची का किरदार निभाया है। यहीं से सुषमा का फिल्मों में दादी और मां बनने का सिलसिला शुरू हो गया था।

4 of 7
'सिलसिला' - फोटो : सोशल मीडिया
'सिलसिला'
वर्ष 1981 में आई शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, रेखा और संजीव कुमार कुमार जैसे नामी सितारों वाली यह फिल्म यश चोपड़ा के निर्देशन और निर्माण में बनी थी। इस फिल्म में सुषमा सेठ ने किसी के रिश्तेदार का किरदार नहीं निभाया है। वह एक अभिनेत्री के किरदार में नजर आईं।
विज्ञापन

5 of 7
'तवायफ' - फोटो : सोशल मीडिया
'तवायफ' 
सुषमा सेठ एक काबिल अदाकारा रही हैं, लेकिन फिल्मों में उनके किरदार इतने बड़े नहीं रहे या फिर यूं कहें कि इतने खास नहीं रहे कि उन्हें अपने अभिनय के लिए किसी तमगे से नवाजा गया हो। हालांकि, वर्ष 1985 में आई इस फिल्म में सुषमा सेठ को अपनी अदाकारी थोड़े बड़े पैमाने पर दिखाने का मौका मिला। यहां वह एक कोठे की मालकिन अमीना बाई के किरदार में नजर आईं। बीआर चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में शानदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया।
विज्ञापन

6 of 7
'कभी खुशी कभी गम' - फोटो : सोशल मीडिया
'कभी खुशी कभी गम' 
वर्ष 2001 में आई और अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, शाहरुख खान, काजोल, ऋतिक रोशन, करीना कपूर जैसे नामी सितारों से सजी इस फिल्म में सुषमा सेठ ने जया बच्चन के किरदार नंदिनी रायचंद की मां और अमिताभ बच्चन की सास का किरदार निभाया। पर्दे पर उन्हें ज्यादा समय नहीं मिला, लेकिन जितना मिला, उतने में उन्होंने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
'कल हो न हो' - फोटो : सोशल मीडिया
'कल हो न हो' 
यश जौहर और करण जौहर के निर्माण में फिल्म 'कल हो न हो' (2003) में सुषमा सेठ ने प्रीति जिंटा की दादी लज्जो कपूर का किरदार निभाया है। इस कपूर खानदान में जितने भी फैसले लिए जाते हैं, सब में नैना कैथरीन की दादी की भी सहमति होती है। हालांकि कुछ फैसलों को लेकर इस परिवार में विवाद पैदा होता है और बाद में जब लज्जो को अपनी गलती दिखाई देती है तो पछतावे के रूप में वह सुधार भी खुद ही करती हैं। निखिल आडवाणी के निर्देशन में बनी यह एक पारिवारिक रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसमें जया बच्चन, शाहरुख खान, सैफ अली खान, प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में और सुषमा सेठ, रीमा लागू, लिलेट दुबे, डेलनाज पॉल जैसे कलाकार सहायक भूमिकाओं में नजर आए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें