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किसानों के लिए सोनाक्षी सिन्हा ने पढ़ी भावुक कविता, बोलीं- बूढ़ी आखों, नन्हें कदमों ने क्यों दंगे भड़काए हैं

Thu, 11 Feb 2021 12:00 AM IST
प्राची प्रियम एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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सोनाक्षी सिन्हा - फोटो : सोशल मीडिया
कृषि कानूनों को लेकर बीते कई महीनों से देश में किसान आंदोलन कर रहे हैं। समाज के अलग-अलग वर्गों से लेकर नेता, राजनेता, अभिनेता सब लोग इस आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसके समर्थन में खड़े हैं तो कोई इसे साजिश बता रहा है। इसी बीच अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने किसानों के लिए एक कविता पढ़ी है जो खूब वायरल हो रही है।
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सोनाक्षी सिन्हा - फोटो : Social Media
उन्होंने किसानों के लिए वरद भटनागर द्वारा लिखी गई इस बेहद भावुक कविता को पढ़ते हुए इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है। इस कविता का शीर्षक है 'क्यों'।
 
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Sonakshi Sinha - फोटो : Social Media
सोनाक्षी ने कविता के वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है 'नजरें मिलाके खुद से पूछो- क्यों?' उन्होंने आगे लिखा है कि यह कविता उन हाथों को समर्पित है जिनकी वजह से हम रोज भोजन करते हैं।

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sonakshi sinha
सोनाक्षी कविता पढ़ती हैं- 
"क्यों, सब पूछते हैं क्यों हम सड़कों पर उतर आए हैं।
खेत खलिहान के मंजर छोड़े, क्यों बंजर शहरों में घुस आए हैं
ये माटी, बोरी, हसिया, दरांती वाले हाथ, क्यों हमने राजनीति के दलदल में सनवाए हैं
दही, मक्खन और गुड़ वालों ने क्यों इरादे मशालों से सुलगाए हैं
अरे बूढ़ी आखों, नन्हें कदमों ने क्यों ये दंगे भड़काए हैं
दंगे, ये तुम्हें दंगे दिखाई देते हैं, क्यों
अपने ही हिस्से की रोटी खाना जायज नहीं है, क्यों
मक्के की रोटी, सरसों का साग, वैसे तो बड़े चटकारे लेते हो
अब उन्हीं के खातिर ये सब करना ठीक नहीं है, क्यों
नजरें मिलाकर जरा खुद से पूछो, क्यों"

 
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sonakshi sinha - फोटो : instagram
दबंग एक्टर सोनाक्षी सिन्हा अक्सर सामाजिक मुद्दों पर खुलकर विचार रखती नजर आती हैं। किसानों के मुद्दे पर भी सोनाक्षी बोलती आई हैं। 26 जनवरी की हिंसा के बाद दिल्ली एनसीआर में इंटरनेट बंद किए जाने को लेकर भी सोनाक्षी ने मजबूती के साथ अपनी बात रखी थी।
 
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