फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'जब अमिताभ बच्चन की राय पर चलती थी रेखा, नहीं करना चाहती थी अकेले कोई फिल्म

Sat, 07 Oct 2017 07:21 AM IST
amarujala.com- Presented by: अरविंद
विज्ञापन
1 of 5
rekha
रेखा को एक कमाल की अदाकारा तो माना ही जाता है, साथ ही उनकी शख्सियत के रहस्यों की चर्चा भी अकसर होती रहती है। उनके जन्मदिन पर बीबीसी ने बात की कुछ ऐसे लोगों से जिन्हें रेखा को करीब से जानने का मौका मिला।


 
विज्ञापन

'अमिताभ की राय पर चलती थी रेखा'

2 of 5
Rekha
वरिष्ठ पत्रकार रउफ अहमद रेखा को तब से जानते हैं जब वो फिल्मफेयर के लिए काम करते थे। बीबीसी से बातचीत में रउफ ने कहा ''रेखा आज जैसी दिखती हैं उसमें अमिताभ बच्चन का बड़ा योगदान है। सन् 1976 में आई फ़िल्म दो अनजाने में उन्होंने अमिताभ के साथ काम किया। इसके बाद से वो हर मामले में अमिताभ बच्चन की राय लेने लगीं। उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, वो सब अमिताभ से ही पूछतीं। वैसे भी रेखा को एक गुरु और मार्गदर्शक की जरूरत थी। रउफ कहते हैं कि रेखा की सबसे अच्छी बात यह है कि वो अपनी बात बहुत साफ तरीके से बोलने में यकीन रखती हैं। उन्होंने कहा, ''रेखा कभी भी दोपहर दो बजे से पहले अपनी कोई तस्वीर नहीं खिंचवाती थी। उनका मानना था कि सुबह के समय चेहरे पर एक अलग तरह की सूजन रहती है, जो करीब एक बजे तक चली जाती है।वो हमेशा फोटोग्राफ्रर के पीछे एक बड़ा आइना लगवा देती थीं ताकि वो देख सकें कि वो कैसी दिख रही है।'अहमद कहते हैं कि अगर उन्हें रेखा को कुछ शब्दों में समेटना हो तो वो कहेंगे कि रेखा एक दिलचस्प पहेली हैं, जो मांग में सिंदूर लगाती हैं, रहस्यमयी जीवन जीती हैं और कभी अकेलेपन की शिकायत नहीं करतीं।

 
विज्ञापन

अच्छी-बुरी फिल्मों की समझ नहीं

3 of 5
Rekha
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीन भारद्वाज का कहना था कि रेखा ने बहुत कम उम्र में फिल्मों में काम करना शुरु कर दिया था इस वजह से उन्हें फ़िल्में चुनने की समझ ही नहीं थी। प्रवीन के अनुसार, ''रेखा को लगता था कि उन्हें जो भी फ़िल्म मिल रही हैं उन्हें कर लेनी चाहिए। लेकिन आगे चल कर उन्हें ये अहसास हुआ कि उन्हें सही चुनाव करने होंगे।''प्रवीन ने बताया, ''दक्षिण भारतीय फ़िल्मों से आने के कारण वो शुरुआत में थोड़ी मोटी थी। उनका रंग भी सांवला था। आज आप उनकी कोई पुरानी तस्वीर देख लें तो यक़ीन नहीं होगा कि ये रेखा है। धीरे-धीरे उन्होंने सीखा कि अपने लुक्स पर काम करना कितना ज़रूरी है। ''प्रवीन के मुताबिक़ पहले लोग उन पर व्यंग कसते थे उन्हें 'अग्ली डग्ली' बुलाते थे। लेकिन फिर रेखा ने तय किया कि वो अपनी ये छवि बदल कर रहेंगी। योग और मेडिटेशन के जरिए उन्होंने अपने शरीर में कई बदलाव किए।

 

चॉकलेट, गाने और कुत्तों से प्यार

4 of 5
Rekha
एक और वरिष्ठ पत्रकार हैं जिन्हें रेखा को पास से जानने का मौका मिला, उदय तारा। उदय तारा की रेखा से पहली मुलाकात हुई 1971 में आई फिल्म 'एलान' के सेट पर। वो कहा ''जब मैं रेखा से मिली तो मैंने पाया कि उन्हें चॉकलेट खाना बेहद पसंद है। वो बहुत चुलबुली लड़की थी।'' उदय तारा ने बताया, ''रेखा को शुरू में लंबे डायलॉग से बहुत डर लगता था। वो एक जगह बैठ कर खूब अभ्यास किया करती थी। वैसे वो अभिनेत्री तो अच्छी हैं ही साथ ही वो गाती भी बहुत बढ़िया हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्यों हुई रेखा सबसे दूर

5 of 5
Amitabh bachchan and Rekha
प्रवीन भारद्वाज बताती हैं कि अपने करियर की शुरुआत में रेखा नहीं जानती थी कि किससे क्या बात करनी चाहिए। प्रवीन ने कहा ''एक बार उन्होंने एक महिला पत्रकार से अपनी निजी जिन्दगी की कुछ बातें कह डालीं। रेखा ने उस पत्रकार को अपना दोस्त समझा। लेकिन उस पत्रकार ने वो सारी बातें एत किताब में छाप दी। उस किताब में आधा सच और आधा झूठ लिखा था। तब से रेखा ने मीडिया से दूरी बना ली।'' मीडिया ही नहीं फिल्म इंडस्ट्री में भी उनके बहुत कम दोस्त हैं। रेखा के करीबियों में हेमा मालिनी, श्रीदेवी, जीतेन्द्र और राकेश रोशन के नाम शामिल हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें