अगर बात करें नजीमा के फिल्मी करियर की उन्होंने फिल्म निशान (1965), राजेंद्र कुमार के साथ फिल्म आरज़ू (1965), दिल्लगी,(1966), तमन्ना(1969), अनजाना(1969) जैसी फिल्मों में सपोर्टिंग रोल किए और फिल्म की कहानी के आधार पर इन्हें ज्यादातर बहन का ही किरदार मिला। 1972 में आई फिल्म 'बेईमान' में उन्होंने एक्टर मनोज कुमार के सामने अपने अभिनय का शानदार प्रदर्शन किया। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड से भी नवाजा गया था। नाजीमा की आखिरी फिल्म 'लव एंड गॉड' थी जो उनकी मृत्यु के बाद रिलीज हुई थी।