न्यायमूर्ति गोपीनाथ पी ने आरोपियों को जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया था और उन्हें तीन दिन में सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक पूछताछ के लिए मौजूद रहने का निर्देश दिया था। इसी के साथ अदालत ने आरोपियों को यह चेतावनी भी दी थी कि यदि पूछताछ के समय आरोपी सहयोग नहीं करते हैं तो उस स्थिति में गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण हटा लिया जाएगा और अपराध शाखा को हिरासत में दे दिया जाएगा। आपको बता दें कि उच्च न्यायालय ने शनिवार को दिलीप को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया था।
27 जनवरी को होगी सुनवाई-
इसी के साथ ही केरल उच्चन्यायाल की तरफ से अभियोजक को भी 27 जनवरी को मामले की दोबारा सुनवाई के दौरान एक सीलबंद लिफाफे में पूछताछ और भौतिक साक्ष्य पर एक रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया।
ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद हुआ था मामला दर्ज-
आपको बता दें कि अभिनेत्री यौन उत्पीड़न मामले में क्राइम ब्रांच ने 9 जनवरी को दिलीप के एक कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर एक जांच अधिकारी द्वारा दायर शिकायत पर मामला दर्ज किया था। इस ऑडियो क्लिप में अभिनेता दिलीप को कथित तौर पर अधिकारी पर हमला करने की साजिश करते हुए सुना गया था। जिसके बाद अभिनेता और पांच अन्य लोगों पर आईपीसी के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। जिसमें धारा 116 (अपहरण), 118 (अपराध करने के लिए डिजाइन छुपाना), 120 बी (आपराधिक साजिश), 506 (आपराधिक धमकी), और 34 (आपराधिक कृत्य) शामिल हैं।
दिलीप का दावा- झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश-
इस बारे में अभिनेता दिलीप ने दावा किया कि अधिकारी उन्हें यौन उत्पीड़न के मामले में झूठा फंसाने की कोशिश कर रहा है और यह स्थिति शिकायतकर्ता अधिकारी के पिछले आचरण से पैदा हुई थी।
ये था मामला-
मलयालम और तेलुगु फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्री का अपहरण कर कथिततौर पर आरोपियों ने कार में दो घंटे तक उसके साथ छेड़छाड़ की। कुछ आरोपियों ने एक्ट्रेस को ब्लैकमेल करने के लिए पूरी एक्टिंग को फिल्माया था। इस मामले में शिकायत दर्ज होने के बाद 10 लोगों को आरोपी पाए गए। शुरुआत में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अभिनेता दिलीप को भी गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि बाद में इन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।