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पेशे से नाक-कान के सर्जन थे श्रीराम लागू, एक्टिंग के लिए छोड़ दी थी डॉक्टरी

Mon, 16 Nov 2020 07:25 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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श्रीराम लागू - फोटो : फाइल
थिएटर और सिनेमा के मंझे हुए कलाकार श्रीराम लागू का जन्म 16 नवंबर 1927 को सातारा में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में  100 से अधिक हिंदी और मराठी फिल्मों में काम किया था। मराठी थिएटर में तो उन्हें 20वीं सदी के सबसे बेहतरीन कलाकारों में गिना जाता था।
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श्रीराम लागू - फोटो : फाइल
 श्रीराम लागू पेश से नाक, कान, गले का सर्जन थे। उन्होंने मेडीकल की पढ़ाई भी पूरी की और साथ ही रंगमंच में नाम कमाया। 42 साल की उम्र में उन्होंने थिएटर और फिल्मों की दुनिया में कदम रखा ।
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श्रीराम लागू - फोटो : फाइल
श्रीराम लागू ने 'नटसम्राट' नाटक में उन्होंने गणपत बेलवलकर की भूमिका निभाई थी जिसे मराठी थिएटर के लिए मील का पत्थर माना जाता है । गणपत बेलवलकर का रोल इतना मुश्किल माना जाता है कि इस निभाने वाले बहुत सारे कलाकार गंभीर रूप से बीमार हुए ।

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श्रीराम लागू - फोटो : फाइल
नटसम्राट का रोल निभाने के बाद श्रीराम को भी दिल का दौरा पड़ गया था। श्रीराम लागू ने 20 से अधिक मराठी नाटकों का निर्देशन भी किया । उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वो आहट: एक अजीब कहानी से की थी। ये फिल्म साल 1971 में आई थी। 
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श्रीराम लागू - फोटो : फाइल
 उन्होंने बॉलीवुड में पिंजरा, मेरे साथ चल, सामना, दौलत जैसी कई शानदार फिल्मों में काम किया। अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने एक बार कहा था कि श्रीराम लागू की आत्मकथा 'लमाण' किसी भी एक्टर के लिए बाइबल की तरह है।
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