जितेंद्र
चिट्ठी के मुताबिक, 'मेरे पिता की बहन के बेटे रवि कूपर एक प्रोफेशनल एक्टर हैं। उन्हें जितेंद्र के नाम से भी जाना जाता है। जब मैं टीनएज में थी, तब मैं उनकी फैमिली से मिली थी। कभी-कभार ही हम एक-दूसरे से मिलते थे तब हमेशा रिश्तेदार मौजूद रहते थे। ये जनवरी 1971 की बात है। जब मैं 18 साल की थी और जितेंद्र 28 साल के। उन्होंने मेरे पिता से कहकर मुझे उस जगह बुलाया, जहां उनकी फिल्म की शूटिंग चल रही थी।'