आयुष्मान खुराना
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आयुष्मान कहते हैं, 'मैं बचपन से ही अभिनेता बनना चाहता था। मुझे नाटक-नौटंकी में मजा आता था। मैं दादी को गुरुद्वारे में जब भी गाते सुनता था, तो घर में उनकी नकल उतारा करता था। शीशे के आगे खड़े होकर खुद को खूब निहारता था, लेकिन मैं थोड़ा वैसा आदमी हूं, जिसे धक्का देना पड़ता है। अभिनय का जुनून था, लेकिन कॉलेज या कहीं नाटक में भी हिस्सा लेने के लिए मेरे पिता को ही कहना पड़ता था। मैं मानता हूं कि मेरे पिता का जो हुनर है या उनमें जो कला है, वही मेरे अंदर आई है।'