दीपिका पादुकोण अपनी अगली फिल्म 'छपाक' को लेकर चर्चा में हैं । फिल्म को मेघना गुलजार डायरेक्ट कर रही हैं । हाल ही में फिल्म की शूटिंग का दिल्ली शेड्यूल पूरा हो चुका है । फिल्म में दीपिका पादुकोण एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल का रोल निभा रही हैं । फिल्म के सेट से दीपिका की कुछ तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं जिसमें वो हूबहू लक्ष्मी अग्रवाल जैसी दिख रही हैं ।
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Deepika Padukone Chhapaak look
- फोटो : instagram
इस फिल्म में लक्ष्मी अग्रवाल की पूरी कहानी सिल्वर स्क्रीन पर दिखेगी । हाल ही में लक्ष्मी ने सोशल मीडिया पर अपनी जिंदगी को लेकर एक इमोशनल पोस्ट लिखा । इस पोस्ट के साथ लक्ष्मी ने अपनी एक ब्लैक एंड व्हाइट फोटो भी शेयर की ।
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laxmi agarwal
लक्ष्मी लिखती हैं, 'आज मेरे अटैक को 14 साल हो गए हैं । इन 14 सालों में बहुत कुछ बदला है, बहुत सारी चीज़ें अच्छी हुईं बहुत सारी चीज़ें बुरी जिसके बारे में सोच कर भी डर लगता है, लोगों को लगता है एसिड अटैक हुआ है ये सबसे बड़ा दुःख है, सबको यही दिखता है ।
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laxmi agarwal
'जब कोई भी अटैक होता है । ना सिर्फ़ हमारे पूरे परिवार की ज़िंदगी बदल जाती है बल्कि अचानक से एक नया मोड़ आ जाता है क्योंकि वो इंसान एक बार अटैक करता है, सोसाइटी बार-बार अटैक करती है । जीने नहीं देती जिससे जिसके ऊपर क्राइम हुआ है, वो या परिवार का कोई व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है ।'
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laxmi agarwal
'मुझे पता है कि हर साल ये तारीख मेरे जीवन में आएगी और आज का दिन उस दिन जैसा ही तकलीफ़ भरा होता है । उस वक़्त तो पापा भाई भी थे पर आज वो भी नही हैं, हर 22 अप्रैल मेरे लिए कुछ नई तकलीफ़ देता है, जिसके बारे में सोच कर भी डर जाती हूं, आख़िर मैं भी इंसान हूं ।'
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laxmi agarwal
'मुझे भी तकलीफ़ होती है, मैं कभी नहीं चाहती जो मेरे साथ हुआ है वो किसी और के साथ हो, जब मैं 15 साल की थी तो अपने पापा मम्मी से कुछ नहीं बोल सकी मन में डर था कहीं ना कहीं कि अगर कहा तो मुझे ही गलत बोलेंगे और उस चुप्पी की वजह से क्रिमिनल ने फायदा उठाया । आज इस पोस्ट को हर कोई पढ़ेगा और मैं चाहती हूं इस पोस्ट से आप लोग एक सबक लें ।'
'जो मां बाप हैं वो अपने बच्चों के साथ दोस्ती करें ताकि वो अपने मन की बात आपको बता सकें. क्योंकि जब भी कोई परेशानी होती है । मां-बाप को ही ज़्यादा परेशान होना पड़ता है और जो बच्चे हैं, वो भी अपने मम्मी पापा के साथ दोस्ती करें । अपने मन की बात उन्हें बताएं ताकि जो भी दिक़्क़त हो वो साथ मिलकर ठीक कर सकें, याद रहे अटैक सिर्फ एक शख्स पर नहीं पूरे परिवार पर होता है ।'