Aahana Kumra
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
बहन का साथ छूटा तो बन गई आत्म निर्भर
आहना कहती हैं, 'जब मेरे पापा का ट्रांसफर मुंबई में हुआ तो मम्मी भी ने केंद्र सरकार से मुंबई में अपनी पोस्टिंग सीबीआई में करा ली। मेरी बहन को मुंबई इतना पसंद नहीं आया। क्योंकि वह मराठी में फेल हो गई, इससे पहले वो कभी फेल नहीं हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वह देहरादून चली गई तो पहली बार ऐसा हुआ कि हम दोनों बहनें एक दूसरे से अलग हुए। जब हम अलग हुए तो मुझे समझ में आया कि खुद के लिए खुद ही लड़ना पड़ता है। मुंबई ने बहुत कुछ दिया। एक फ्रीडम दी जो लखनऊ में नहीं थी। वहां पांच बजे के बाद घर से बाहर न निकलने वाली लड़की मुंबई में रात में नौ दस बजे तक बाहर है, दोस्तों के साथ है, यही मुंबई की फ्रीडम है, एक आवाज है, एक जुबान है।’A