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कबाड़ की दुकान में मिला इस महान संगीतकार का अनमोल खजाना, रिसर्च के दौरान लेखक को मिला सरप्राइज

Mon, 23 Sep 2019 12:43 PM IST
अपूर्वा राय खालिद मोहम्मद, मुंबई
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रवि शंकर - फोटो : मुंबई मिरर
समय के साथ हर चीज़ इस प्रकृति में कहीं खो जाती है और धीरे धीरे उसके चाहने वाले भी उसे भूल जाते हैं। ऐसा कई महान हस्तियों के साथ होता आया है, और आगे भी होता रहेगा। हम आपको यह सब क्यों बता रहे हैं, क्योंकि हमारे पास एक हसीन किस्सा है। अपनी सदी के सबसे उम्दा संगीतकारों में माने जाने वाले सितार वादक पंडित रवि शंकर से जुड़ी कुछ चीज़ें ऐसी जगह पर मिली हैं, जिनके बाद शुरूआत में कही गई बातें सच हो जाती हैं।
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pt ravi shankar - फोटो : social media
मुंबई में महिम रेलवे स्टेशन के पास एक छोटे से कबाड़ खाने में पंडित रवि शंकर से जुड़े समान का एक पूरा सूटकेस पाया गया है। यह सूटकेस तस्वीरों, चित्रों, संगीत के सुरों और कई अन्य चीज़ों से भरा है। यह खोज एक लेखक की है। एस एम एम औसाजा नामक एक लेखक अपनी किताब "बॉलीवुड इन पोस्टर्स" को पूरा करने के लिए काफी समय से पुराने समानों की दुकानों यानी कबाड़खानों को पुरानी फिल्मों के पोस्टरों के लिए खंगाल रहे थे।
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पंडित रविशंकर के बेटे के द्वारा बनाए गए स्कैच - फोटो : मुंबई मिरर
इसी बीच एक छोटे से कबाड़ खाने में समय बिताते वक्त उनकी नज़र चमड़े के एक पुराने सूटकेस पर गई। सूटकेस खोला गया तो उसमें रखी हर चीज़ पंडित रवि शंकर की प्रतीत हो रही थी। एक कॉन्सर्ट के ब्रिटिश प्रबंधकों को लिखे गए एक शिकायतनामा से लेकर, फिल्मों के गीतों के सुर, पंडित रवि शंकर की जवानी की तस्वीरें, उनकी पहली पत्नी अन्नपूर्ण देवी की तस्वीरें, साथ ही साथ कुछ हाथ से बने चित्र।

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Pandit Ravi Shankar - फोटो : social media
तफ्तीश के बाद पता चला कि यह सूटकेस उस्ताद के बेटे 'शुभो' का था। 50 साल के शुभो का निधन अमरीका में 1992 में हो गया था। पंडित रवि शंकर की तस्वीर, और उन्हीं के नाम पर दिए ग्रीटिंग कार्ड से पता चला कि यह सूटकेस बेटे शुभो का ही था। इस सूटकेस में उन्होंने अपने माता पिता और घर की यादें संजो कर रखी थीं। आज यह सूटकेस एक अनजाने शहर के कबाड़ खाने में धूल खा रहा है, थोड़ी और देर होती तो शायद ही यह कभी मिलता।
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पंडित रविशंकर - फोटो : मुंबई मिरर
शुभो, पंडित रवि शंकर की पहली पत्नी अन्नपूर्णा देवी के बेटे थे। पंडित रवि शंकर और अन्नपूर्णा देवी की शादी 11 साल से ज्यादा नहीं चली थी। दोनों ही उम्दा संगीतकार थे। पंडित रवि शंकर जिनके शिष्य थे यानी अलाउद्दीन खान, उन्हीं की बेटी थी अन्नपूर्णा देवी। भारत रत्न विजेता पंडित रवि शंकर का निधन साल 2012 में अमरीका के एक अस्पताल में हुआ था। वहीं अन्नपूर्णा देवी का निधन पिछले साल ही हुआ है। पंडित रवि शंकर को आज भी दुनिया का सबसे उमदा सितार वादक माना जाता है।

-मुंबई मिरर से साभार
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