ऑस्कर 2019 में मुंबई की गुनीत मोंगा की फिल्म ने बेस्ट डॉक्युमेंट्री 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' ने शॉर्ट सब्जेक्ट कैटेगरी में अवॉर्ड जीतकर भारत का मान बढ़ा दिया है। गुनीत ने देश के ग्रामीण इलाकों में माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली समस्या और पैड न उपलब्ध होने की सच्चाई बयां करती डॉक्युमेंट्री बनाई थी। गुनीत 'लंचबॉक्स', 'मसान', 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' फिल्मों की प्रोड्यूसर भी रही चुकी हैं।
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- फोटो : social media
'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' फिल्म का डायरेक्शन रायका जेहताबची ने किया है और गुनीत मोंगा की सिखिया एंटरटेनमेंट ने डॉक्युमेंट्री को प्रोड्यूस किया है। यह डॉक्यूमेंट्री 'ऑकवुड स्कूल इन लॉस एंजिलिस के छात्रों और उनकी शिक्षक मिलिसा बर्टन द्वारा शुरू किए गए 'द पैड प्रोजेक्ट का हिस्सा थी। भारत में महावारी को समाज के बड़े वर्ग द्वारा कलंक की तरह माना जाता है। 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' में इसी मानसिकता के बारे में दिखाया गया है।
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- फोटो : file photo
डॉक्युमेंट्री दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के काठी खेड़ा गांव की रहने वाली महिला स्नेहा पर आधारित है। भारत को दस साल बाद कोई ऑस्कर मिला है। साल 2009 के ऑस्कर में ए.आर.रहमान और साउंड इंजीनियर रसूल पोकुट्टी को 'स्लमडॉग मिलेनियर के लिए एकेडमी अवॉर्ड जीता था।
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हम जीत गए, अब जान लो इस धरती पर हर लड़की एक देवी हैः गुनीत
ऑस्कर जीतने के बाद गुनीत मोंगा ने ट्विटर पर शुक्रिया अदा करते हुए कहा, 'मेरे लिए ये क्षण आश्चर्यजनक है। हम जीत गए, अब जान लो इस धरती पर हर लड़की एक देवी है', ये पूरा संसार समझ चुका है। इसके बाद गुनीत ने खुद पर लिखी गई "चेंजमेकर्स" नाम की किताब के बारे में ट्वीट करते हुए अपनी कहानी के बारे में लोगों को बताया।
बता दें इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की टॉप-20 महिलाओं को कवर करने वाली "चेंजमेकर्स" नामक किताब के एक भाग में गुनीत के जीवन कहानी है। गुनीत ने उन लेखकों को लेकर भी आभार जताया जिन्होेंने मोंगा की जीवनी पर किताब रची थी।