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अपने दौर की लगभग हर फिल्म में देखे गए ये सितारे, साउथ के इस कॉमेडियन की फीस तो आपको हैरान कर देगी

Mon, 07 Dec 2020 01:12 PM IST
Tanuja Yadav एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बॉलीवुड सितारे जो अपनी हर फिल्म में देखे गए - फोटो : AMAR UJALA
मुख्य तौर पर किसी अच्छी फिल्म के लिए लीड एक्टर या एक्ट्रेस को श्रेय दिया जाता है लेकिन अच्छी फिल्म वही होती है, जिसमें हर कलाकार ने अपनी जान फूंकी हो, चाहे उसे कितना छोटा रोल ही क्यों ना मिला हो। एक अच्छे कलाकार को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि वो रोल कितना बड़ा या छोटा है। 

भारतीय सिनेमा में कई ऐसे कलाकार उभरे हैं, जिन्होंने कभी मुख्य किरदार को रोल तो अदा नहीं किया लेकिन अपने शानदार अभिनय से सबका ध्यान जरूर खींचा। आज हम कुछ ऐसे ही सितारों की बात करेंगे जो अपने दौर की लगभग हर फिल्म में देखे गए हैं। ये सिर्फ हिंदी फिल्म के अभिनेता नहीं है बल्कि अलग-अलग भाषाओं में भी काम कर चुके हैं।
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brahmanandam
ब्रह्मानंदम
ऐसा कहें तो गलत नहीं होगा कि एक समय में साउथ की अधिकतर फिल्में ब्रह्मानंदम के बिना नहीं बनती थीं। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में ब्रह्मानंदम ने इतनी ज्यादा हिट कॉमेडी फिल्में दी हैं कि उन्हें वहां का कॉमेडी किंग कहा जाता है। ब्रह्मानंदम ने अपने दो दशकों से भी ज्यादा लंबे कॅरियर में 1000 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है।

आपको जानकर हैरानी होगी की ब्रह्मानंदम एक फिल्म के एक करोड़ रुपये चार्ज करते हैं। अब साउथ सिनेमा के कॉमेडियन को इतनी ज्यादा फीस मिलना कोई आम बात तो है नहीं। ब्रह्मानंदम 24 घंटे में करीब पांच लाख रुपये कमाते हैं।
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कॉमेडी कैप्सूल, जॉनी लीवर - फोटो : SELF
आंध्र प्रदेश के एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले जॉनी लीवर को आज हर कोई जानता है। अपने परिवार का पेट भरने के लिए वो काम की तलाश में मुंबई आए थे। शुरुआती दौर में उन्होंने फिल्मी अभिनेताओं की नकल करते हुए सड़क पर पेन बेचे, हिंदुस्तान लीवर कंपनी में अपने पिता के साथ मजदूरी की। 

सुनील दत्त ने जॉनी लीवर की प्रतिभा को पहचाना था और दर्द का रिश्ता फिल्म में उन्हें ब्रेक दिया गया था। 350 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके जॉनी लीवर को उनके अभिनय के लिए 13 बार फिल्म फेयर अवॉर्ड मिल चुका है। 

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amrish puri
बॉलीवुड में एक दौर ऐसा भी आया जब विलेन की छवि के तौर पर अमरीश पुरी को ही चुना जाता था। अमरीश पुरी ने अपनी अद्भुत एक्टिंग के जरिए लोगों के दिलों पर कई सालों तक राज किया। वह अपने बड़े भाई मदन पुरी की तरह ही एक सफल अभिनेता बनना चाहते थे और उनकी यही चाहत उन्हें मुंबई ले आई।

अमरीश पुरी अपने पहले स्क्रीन टेस्ट में फेल हो गए थे। इसके बाद उन्होंने पृथ्वी थिएटर में नाटकों में काम करके अपने अभिनय को निखारा और उन्हें विज्ञापन में काम मिलने लगा। अमरीश ने अपने फिल्मी करियर में 400 से ज्यादा फिल्में कीं। 80 के दशक में बनने वाली हर फिल्म में अमरीश पुरी को रोल दिया जाता था। साल 2005 में अमरीश पुरी इस दुनिया और फिल्म जगत को अलविदा कह गए।
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कॉमेडी किंग मेहर मित्तल
मेहर मित्तल भले ही हिंदी सिनेमा से जुड़े हुए नहीं थे लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अपनी छाप कई लोगों पर छोड़ी थी। पंजाबी सिनेमा के कॉमेडी किंग कहे जाने वाले मित्तल साहब ने करीब 300 फिल्मों और नाटकों में अभिनय किया है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1974 में सच्चा मेरा रूप नामक पंजाबी फिल्म से की थी। 

मेहर मित्तल को उनके अभिनय के लिए दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड और पंजाब स्टेट अवॉर्ड जैसे कई पुरस्कार मिले हैं। 22 अक्तूबर 2016 को मेहर मित्तल का निधन हो गया और कॉमेडी का ये बादशाह दुनिया को अलविदा कह गया।
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निरूपा रॉय
निरूपा रॉय को अगर हिंदी सिनेमा की मां कहा जाए तो यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा। किसी अभिनेत्री ने अमिताभ बच्चन के साथ नायिका का किरदार नहीं निभाया होगा, जितनी बार निरूपा रॉय ने उनकी मां का किरदार निभाया है। निरूपा रॉय का जन्म 1931 में एक गुजराती परिवार में हुआ था।

15 साल की उम्र में ही उनकी शादी कमल रॉय से हो गई थी। 1946 में रनकदेवी नाम की गुजराती फिल्म से उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। हिंदी सिनेमा में एक समय ऐसा था, जब हर फिल्म में मां का किरदार इन्हीं के पास आता था। निरूपा रॉय ने 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है।
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कन्हैयालाल चतुर्वेदी - फोटो : social media
हिंदी सिनेमा में एक समय ऐसा आया जब अपने अभिनय के चलते मुंशी, लाला और मुनीम का किरदार सिर्फ कन्हैयालाल चतुर्वेदी को ही मिलता था। कन्हैयालाल ने अपने छोटे-छोटे किरदारों से ही अपने दर्शकों को अपने अभिनय का मुरीद कर लिया था। इन्होंने अपने करियर में 150 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और ज्यादातर फिल्मों में मुंशी, लाला या मुनीम का किरदार ही निभाया।
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मनोरमा
तमिल फिल्म जगत का जाना-माना चेहरा मनोरमा ने अपने करियर में 1,500 से ज्यादा फिल्मों और 500 से ज्यादा नाटकों में काम किया है। 80 के दशक में 1,000 से ज्यादा फिल्मों में काम करने के लिए इनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। इसके अलावा इन्होंने अपने करियर में पांच मुख्यमंत्रियों के साथ अभिनय किया है। 

मनोरमा को पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया है। दस अक्तूबर 2015 को मनोरमा इस दुनिया को अलविदा कह गई थीं। 
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