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कमाल अमरोही से अलग होने के बाद भी मीना कुमारी ने की थी 'पाकीजा', फिल्म के संगीत ने रचा था इतिहास

Tue, 04 Feb 2020 02:02 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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पाकीजा - फोटो : Twitter
कमाल अमरोही के निर्देशन और मीना कुमारी अभिनीत फिल्म 'पाकीजा' तो आपको याद ही होगी। जीहां कमाल अमरोही की फिल्म 'पाकीजा'। इस फिल्म को रिलीज हुए आज 48 साल हो गए हैं। बेहतरीन अदाकारा मीना कुमारी का जादू भारतीय सिने जगत पर बत्तीस बरसों तक छाया रहा। आंखों में बसे दर्द ने उन्हें ट्रेजडी क्वीन का खिताब दिलाया तो अभिनय की ऊंचाई के दम पर वो कहलाईं भारतीय फिल्मों की पाकीजा। उनके दिल में दर्द था तो बेपनाह मुहब्बत भी। जो कमाल अमरोही की फिल्म 'पाकीजा' में दिखा था।
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पाकीजा - फोटो : Twitter
'पाकीजा' फिल्म की तमाम अन्य ऊंचाइयों के प्रति जब भी जवाबदेही तय की जाएगी, उसमें अभिनय, पटकथा, संवाद, कला-सज्जा, छायांकन और निर्देशन के अलावा संगीत का जिक्र भी किया जाएगा। नवाबी और अवधी संस्कृति को पर्दे पर पेश करने वाली इस संगीतमय फिल्म की गिनती बॉलीवुड की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में होती है।
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लाल बहादुर शास्त्री
इस फिल्म की शूटिंग का एक बड़ा ही दिलचस्प किस्सा है। दरअसल मुंबई के एक स्टूडियो में लाल बहादुर शास्त्री को 'पाकीजा' की शूटिंग देखने के लिए आमंत्रित किया गया था। महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री की ओर से यहां आने का इतना दबाव था कि शास्त्री जी उन्हें ना नहीं कह पाए और स्टूडियो पहुंच गए। इस बात का जिक्र कुलदीप नायर ने अपनी किताब ''On Leaders and Icons: From Jinnah to Modi'' में किया है। इस दौरान लाल बहादुर शास्त्री मीना कुमारी को पहचान नहीं पाए थे। बाद में लाल बहादुर शास्त्री ने अपनी स्पीच में मीना कुमारी को संबोधित करते हुए कहा था- मीना कुमारी जी...मुझे माफ करना मैंने आपका नाम पहली दफा सुना है। 

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मीना कुमारी
कमाल अमरोही और मीना कुमारी भले ही पति और पत्नी के रूप में एक दूसरे से अलग रहे हों, लेकिन अभिनेत्री के तौर पर वो हमेशा कमाल अमरोही की फिल्मों में काम करने के लिए उपलब्ध थीं। यही वजह है कि अमरोही से 5 सालों तक अलग रहने के बावजूद उन्होंने उनकी फिल्म 'पाकीजा' की शूटिंग पूरी करने का फैसला किया। 
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पाकीजा - फोटो : Twitter
पाकीजा 1972 में 6 गानों के साथ रिलीज हुई। फिल्म के म्यूजिक ने इतिहास बनाया। मगर उस साल बेस्ट म्यूजिक का फिल्म फेयर 'बेईमान' फिल्म के लिए शंकर-जयकिशन को मिला। इस फैसले से बेईमान में विलेन का रोल करने वाले प्राण इतना नाराज हुए कि उन्होंने 'बेईमान' के लिए मिला अपना अवॉर्ड वापस कर दिया। जब-जब भारतीय फ़िल्मों का इतिहास लिखा जाएगा, 'पाकीजा' का जिक्र जरूर होगा। इस फिल्म में योगदान राज कुमार साहब का भी है, अशोक कुमार का भी है और नादिरा का भी है, लेकिन तीन नाम हमेशा जिंदा रहेंगे, मीना कुमारी, कमाल अमरोही और पाकीजा।
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