फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Republic Day: ‘आरक्षण’ से लेकर ‘आर्टिकल 15’ तक, संविधान पर बनीं ये बॉलीवुड फिल्में; कईयों ने जीते नेशनल अवॉर्ड

Sun, 26 Jan 2025 10:22 AM IST
ज्योति राघव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Republic Day: आज 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस है। आज हम आपको उन फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जिनकी कहानी संविधान के कुछ अनुच्छेदों के ईर्द-गिर्द है।
विज्ञापन
1 of 8
बॉलीवुड फिल्में - फोटो : अमर उजाला
आज 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है।  26 जनवरी 1950 भारत के इतिहास का वह दिन, जब भारत का संविधान लागू हुआ। आज देश के इस गौरवशाली दिवस पर हम आपको बॉलीवुड की उन फिल्मों के बार में बता रहे हैं, जिनमें हमारे संविधान को शामिल किया गया है। उनकी कहानी संविधान के कुछ अनुच्छेदों के ईर्द-गिर्द है। चलिए जानते हैं... 
विज्ञापन

2 of 8
आरक्षण - फोटो : सोशल मीडिया
आरक्षण (2011)
फिल्म 'आरक्षण' संविधान में उल्लेखित आर्टिकल 16 (अनुच्छेद 16) पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन प्रकाश झा ने किया। फिल्म में सामाजिक और धार्मिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए भारत के सार्वजनिक क्षेत्र में अपनाई जाने वाली आरक्षण प्रणाली की अवधारणा को दिखाया गया है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण, तन्वी आजमी, प्रतीक बब्बर और मनोज बाजपेयी जैसे सितारे हैं।
विज्ञापन

3 of 8
अलीगढ़ - फोटो : सोशल मीडिया
अलीगढ़ (2016)
फिल्म 'अलीगढ़' में धारा 377 की बात की गई। समलैंगिकों के अधिकार के लिए बनी धारा 377 की बात इस फिल्म में की गई थी। फिल्म में मनोज वाजपेयी ने एक एलजीबीटीक्यू कम्यूनिटी के शख्स का किरदार निभाया था।

4 of 8
न्यूटन - फोटो : सोशल मीडिया
न्यूटन (2017)
राजकुमार राव अभिनीत इस फिल्म में संविधान के अहम अधिकार यानी वोटिंग के अधिकार पर बात की गई। इस फिल्म में राजकुमार राव को एक नक्सली इलाके में वोटिंग की जिम्मेदारी दी जाती है और राजकुमार राव वोटिंग करवाने के लिए सुरक्षा बलों से भी भिड़ जाते हैं। 'न्यूटन' को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार मिला। इसी में अभिनय के लिए पंकज त्रिपाठी को स्पेशल अवॉर्ड दिया गया है।
विज्ञापन

5 of 8
आर्टिकल 15 - फोटो : सोशल मीडिया
आर्टिकल 15 (2019)
इस फिल्म में 'आर्टिकल-15' की चर्चा की गई है। आपको बता दें कि आर्टिकल 15 कहता है कि राज्य अपने किसी नागरिक के साथ केवल धर्म, जाति, लिंग, नस्ल और जन्म स्थान या इनमें से किसी भी आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा। इस फिल्म में दुष्कर्म के केस के जरिए आर्टिकल 15 के बारे में बताया गया। इसमें आयुष्मान खुराना लीड रोल में नजर आए।
विज्ञापन

6 of 8
सेक्शन 375 - फोटो : सोशल मीडिया
सेक्शन 375 (2019)
यह फिल्म भी साल 2019 में रिलीज हुई। इसमें कोर्ट ड्रामा के जरिए भारतीय दंड संहिता की धारा 375 को लेकर चर्चा की गई थी। इस धारा के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के साथ उसकी सहमति से भी संबंध बनाता है, तो यह अपराध भी दुष्कर्म की श्रेणी में ही माना जाता है। फिल्म में सेक्शन के गलत इस्तेमाल को लेकर बहस हुई। इसमें ऋचा चड्ढा और अक्षय खन्ना अहम भूमिका में हैं।
विज्ञापन

7 of 8
420 आईपीसी - फोटो : सोशल मीडिया
420 आईपीसी (2021)
यह एक साधारण सस्पेंस फिल्म है, जो सिनेमा के कानूनी ड्रामा पहलू पर आधारित है। इसमें एक मध्यम वर्ग के व्यक्ति की कहानी दिखाई गई है, जिस पर पैसे की हेराफेरी करने का आरोप लगाया गया है और बाद में उस पर फिर से कुछ इसी तरह का आरोप लगाया गया। इसमें विनय पाठक, गुल पनाग, रणवीर शौरी और आरिफ जकारिया जैसे सितारे हैं।

यह खबर भी पढ़ें:
Padma Awards 2025: पद्म पुरस्कारों का एलान, बालकृष्ण-शेखर कपूर को पद्म भूषण, अरिजीत सिंह को मिलेगा पद्म श्री
विज्ञापन

8 of 8
आर्टिकल 370 - फोटो : इंस्टाग्राम
आर्टिकल 370
जब संविधान पर आधारित फिल्मों की बात हो तो यामी गौतम अभिनीत आर्टिकल 370 को कैसे भूला जा सकता है? बीते वर्ष रिलीज हुई यह फिल्म भारत के संविधान के आर्टिकल 370 पर बनी हैं। घाटी से अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर किस गोपनीयता और रणनीति के जरिए काम किया गया, फिल्म उसी पर आधारित है। इसके अलावा फिल्म हैदर में भी कश्मीर की हालत पर चर्चा की गई थी और फिल्म 'अफस्पा' को लेकर बात की गई थी। फिल्म में शाहिद कपूर, तब्बू और केके मेनन ने अहम किरदार निभाया था। फिल्म हैदर को साल 2015 में हुए 62वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में पांच पुरस्कार मिले थे।

यह खबर भी पढ़ें:
Shahrukh Khan: ‘मन्नत’ को लेकर ये चूक महाराष्ट्र सरकार को पड़ी भारी, शाहरुख खान को वापस करेगी नौ करोड़ रुपये
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें