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Women's Day 2026: 'पिंक' से लेकर 'थप्पड़' तक, महिलाओं से जुड़े जरूरी मुद्दों पर बनी हैं ये फिल्में

Sun, 08 Mar 2026 09:55 AM IST
Sarijuddin एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Women's Day 2026 Special: बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में बनी हैं जो महिलाओं के जरूरी मुद्दों को उठाती हैं। यह फिल्में अच्छी प्रेरणा भी देती हैं।
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पिंक - फोटो : सोशल मीडिया
आज 8 मार्च को पूरी दुनिया में 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026' मनाया जा रहा है। इस दिन महिलाओं की स्थिति बेहतर करने पर ध्यान दिया जाता है। बॉलीवुड ने भी महिलाओं को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है। बॉलीवुड ने कई फिल्मों के जरिए महिलाओं के उन मुद्दों को उठाया है, जिन पर कम ही बात होती है। आइए जानते हैं वह कौन सी फिल्में हैं, जिनके जरिए महिलाओं के मुद्दों को उठाया गया है।
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थप्पड़ - फोटो : सोशल मीडिया
थप्पड़ (2020)
इस फिल्म में तापसी पन्नू ने अहम किरदार निभाया है। इसमें दिखाया गया है कि एक महिला कैसे अपने ही घर में घरेलू हिंसा का शिकार होती है। महिला अपनी मर्जी से घर में रहने और उसे संभालने को चुनती है। हालांकि उसके पति को लगता है कि यह मजबूर है। ऐसे में एक थप्पड़ महिला को अपनी स्थिति को सोचने पर मजबूर करता है।
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लिपस्टिक अंडर माय बुर्का - फोटो : सोशल मीडिया
लिपस्टिक अंडर माय बुर्का (2017)
इस फिल्म में 4 महिलाओं की कहानी दिखाई गई है। चारों की कहानी अलग-अलग है। हालांकि चारों में महिला ही पीड़ित है। एक महिला को उम्र की वजह अपनी यौन इच्छाओं से समझौता करना पड़ता है। दूसरी महिला को अपनी मर्जी से काम नहीं करने दिया जाता है। तीसरी महिला को आजादी से नहीं रहने दिया जाता है। चौथी महिला की शादी उसकी मर्जी के खिलाफ कराई जाती है।

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मॉम - फोटो : सोशल मीडिया
मॉम (2017)
फिल्म में यौन हिंसा, कानूनी प्रणाली की विफलता और बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए एक मां का संघर्ष, जैसे मुद्दों को उठाया गया है। इस फिल्म में श्रीदेवी, सजल अली, अक्षय खन्ना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अहम किरदार निभाया है। सबसे ज्यादा तारीफ श्रीदेवी की हुई है।
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पिंक - फोटो : सोशल मीडिया
पिंक (2016)
तापसी पन्नू की अदाकारी वाली फिल्म 'पिंक' में जरूरी मुद्दे को उठाया गया है। इसमें यह बताने की कोशिश की गई है कि महिला की 'ना' को ना ही समझा जाए। यह जरूरी नहीं कि अगर कोई पुरुष किसी महिला से यौन संबंध बनाना चाहता है, तो महिला भी ऐसा करना चाहती है। अगर कोई महिला ना कहती है, तो उसकी ना का सम्मान किया जाना चाहिए।
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दंगल - फोटो : सोशल मीडिया
दंगल (2016)
आमिर खान की अदाकारी वाली इस फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई है कि अगर कोई महिला स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाने का सोचती है, तो उसे किस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि यह फिल्म लड़कियों को आगे बढ़ने और अपने सपने को पूरा करने के लिए प्रेरित भी करती है।

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