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Bioscope: आशा भोसले ने यूं बदल दी एक अनजान गायिका की किस्मत, पहली ही फिल्म में मिला फिल्मफेयर पुरस्कार

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आशा भोसले - फोटो : अमर उजाला
हिंदी सिनेमा की शीर्षस्थ गायिकाओं में शुमार आशा भोसले की आत्मकथा के विमोचन पर जिस अंदाज में गायक सोनू निगम ने उनका अभिनंदन किया, वह एक मिसाल है। आशा भोसले को उनकी बाद की पीढ़ी के गायकों का खूब प्यार और सम्मान मिला है और इसे हासिल करने के लिए आशा भोसले ने बरसों तक कड़ी मेहनत भी की है। आशा भोसले को हिंदी सिनेमा में एक बेलौस और बिंदास शख्सियत के तौर पर जाना जाता है, लेकिन क्या आपको पता है कि आशा भोसले की बदौलत ही गायिका अनुपमा देशपांडे का करियर चमका था और उन्हें फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।
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सोहनी महिवाल - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
अनु मलिक की बदली तकदीर
फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ का एक सुपरहिट गाना है, सोनी चनाब दे किनारे…। आनंद बक्षी ने यूं लगता है कि जैसे अपना दिल उड़ेल दिया हो इस गाने में। अनु मलिक ने भी ये गाना इसकी पूरी पंजाबियत के साथ कंपोज करके अपने पिता सरदार मलिक का नाम रोशन किया। गाने की धुन तैयार होने के बाद आशा भोसले को जब मौका मिला तो वह आईं गाना रिकॉर्ड करने। गाने का मूड समझाने के लिए उन्हें इसका स्क्रैच सुनाया गया, इसे सुनकर ही आशा भोसले को ये गाना डब करना था। आशा ने जैसे ही गाने का मुखड़ा सुना, उन्होंने आंखें मूंद ली। पूरा गाना सुनने तक वह यूं ही बैठी रहीं। अनु मलिक परेशान। कहीं गलती तो नहीं हो गई।
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सोहनी महिवाल - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
गाना यही रहेगा
लेकिन, स्क्रैच सुनने के बाद आशा भोसले ने जो कहा उसकी मिसाल अभी और कई पीढ़ियों तक दी जाती रहेगी। उन्होंने कहा कि इस स्क्रैच को ही फिल्म के साउंडट्रैक में फाइनल सॉन्ग समझकर शामिल कर लो। इस गायिकी से बेहतर गाना बहुत मुश्किल है। स्क्रैच वाला गाना ही फिल्म में इस्तेमाल हुआ और इसी गाने के लिए उभरती गायिका अनुपमा देशपांडे को मिला उनके करियर का पहला बेस्ट फीमेल सिंगर फिल्मफेयर अवार्ड।

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आशा भोसले और सोहनी महिवाल पोस्टर - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई

राजेश खन्ना के साथ बननी थी सोहनी महिवाल

और, सिर्फ अनुपमा देशपांडे ही क्यों ये फिल्म तो इसके हीरो, हीरोइन और यहां तक कि इसकी सीनियर हीरोइन तक के लिए किस्मत का ऐसा ही खेल रही। गिनती के लोगों को ही पता होगा कि फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ बननी थी उस समय के सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ। बी आर चोपड़ा उन दिनों पंजाब पहुंचे हुए थे अपनी फिल्म ‘कर्म’ की शूटिंग करने। वहीं उनको ‘सोहनी महिवाल’ पर पंजाबी में एक फिल्म बनाने का आइडिया आया। राजेश खन्ना से उन्होंने जिक्र किया तो वह भी चहक उठे। रूमानियत के राजकुमार को ऐसी ही एक कहानी बेसब्री से इंतजार भी था। फिर फोन गया नीतू सिंह के पास तो वह भी झट से तैयार हो गईं। बी आर चोपड़ा ने वहीं आनन फानन अगले दो तीन दिन में फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ बनाने का एलान कर दिया। फिल्म का मुहूर्त शॉट भी उन्होंने पंजाब के तब के मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह को मुख्य अतिथि बनाकर शूट कर लिया। फिर चोपड़ा साब बंबई लौटे। अपनी फिल्म ‘कर्म’ की रिलीज में लग गए। फिल्म जैसी वह सोच रहे थे, वैसी चली नहीं। इसी के बाद बी आर चोपड़ा ने राजेश खन्ना के साथ बनने वाली ‘सोहनी महिवाल’ का किस्सा भी वहीं खत्म कर दिया।

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सोहनी महिवाल - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
कुमार गौरव को ऑफर हुई थी फिल्म
फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ भारत और रूस के बीच सिनेमा को लेकर हुए समझौते के तहत बनने वाली दूसरी फिल्म थी। निर्देशक उमेश मेहरा ने इस फिल्म को हिंदी में निर्देशित किया और रूसी भाषा में इसे निर्देशित करने का जिम्मा संभाला था लतीफ फैजीयेव ने। फिल्म में महिवाल का किरदार पहले पहल कुमार गौरव को ऑफर हुआ। कुमार गौरव की ‘लव स्टोरी’ रिलीज हो चुकी थी और उनके करियर की कमान उन दिनों उनके पिता और जुबली कुमार के नाम से मशहूर रहे राजेंद्र कुमार के हाथों में थी। इंडो रशियन प्रोजेक्ट देख राजेंद्र कुमार ने उमेश मेहरा से खासी मोटी रकम मांग ली। और, कुमार गौरव के हाथ से फिल्म निकल गई। इसके बाद उमेश मेहरा ने राज कपूर के बेटे राजीव कपूर को फिल्म में लेने का मन बनाया लेकिन वह ‘राम तेरी गंगा मैली’ के लिए अपनी तमाम तारीखें दे चुके थे। फिल्म का जिक्र इसके बाद धर्मेंद्र के सामने हुआ तो उन्होंने महिवाल के किरदार के लिए सनी देओल को लेने के बात कही। सनी देओल को महिवाल का किरदार पसंद आया और उन्होंने हां भी कर दी।
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सोहनी महिवाल - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
इस तरह तैयार हुईं पूनम ढिल्लों
लेकिन फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ में सोहनी के किरदार में पूनम ढिल्लों से हां कराना इतना आसान नहीं रहा फिल्म के निर्देशक के लिए। उमेश मेहरा ने दरअसल जब फिल्म की कहानी पूनम को सुनाई तो नरेशन में वह कुछ सीन सुनाना भूल गए। पूनम को लगा कि ये फिल्म तो पूरी तरह महिवाल के किरदार पर है, सोहनी का तो कुछ है ही नहीं। तो उमेश मेहरा ने उन्हें फिर से समझाया, मनाया और तैयार किया इस किरदार के लिए। फिल्म का बड़ा हिस्सा रूस में शूट हुआ है। इस फिल्म की शूटिंग के लिए सनी देओल और पूनम ढिल्लों रूस में थे और यहां भारत में सनी देओल की पहली फिल्म ‘बेताब’ रिलीज हो गई। ये उन दिनों की बात है जब न इंटरनेट होता था और न ही मोबाइल। ले देकर लैंडलाइन टेलीफोन हुआ करते थे और उन पर भी विदेश बात करना आसान न था। सनी देओल तमाम ट्रंक कॉल बुक करते कि पता करें फिल्म का हाल क्या है, पर पूरा पूरा दिन हो जाता पर बंबई बात नहीं हो पाती।
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सोहनी महिवाल - फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
पब्लिक डिमांड पर आईं जीनत अमान
फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ में एक अहम किरदार जीनत अमान का भी है। भोपाल रियासत से ताल्लुक रखने वाले मशहूर राइटर अमानुल्लाह खान की बेटी जीनत की मां मराठी थीं। अमानुल्लाह खान ‘मुगले आजम’ और ‘पाकीजा’ जैसी फिल्मों की राइटिंग टीम का हिस्सा रहे और क्रेडिट्स में अपना नाम अमान ही देते थे। ये अमान सरनेम जीनत ने वहीं से लिया। फिल्म ‘सोहनी महिवाल’ जब बननी शुरू हुई तो फिल्म में जीनत अमान का रोल नहीं था लेकिन भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम के तौर पर बनी फिल्म ‘अलीबाबा और 40 चोर’ रूस में सुपरहिट रही थी और उस फिल्म में जीनत अमान के किरदार को लोगों ने वहां खूब पसंद किया था। तो माना ये गया कि जीनत अमान अगर फिल्म में होंगी तो रूस में फिल्म को देखने खूब ज्यादा लोग आएंगे। ‘सोहनी महिवाल’ की शूटिंग के दौरान ही जीनत की मुलाकात उभरते कलाकार मजहर खान से हुई। दोनों का लंबा प्रेम प्रसंग चला और जमाने के तमाम दूसरी मुसीबतों से बचने के लिए जीनत अमान ने मजहर खान से शादी कर ली।
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