मुनव्वर फारूकी
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मुनव्वर आज भले ही करोड़ों दिलों पर राज करते हैं, लेकिन एक वक्त ऐसा था, जब उनका परिवार दो वक्त की रोटी का भी मोहताज हुआ करता था। साल 2007 में मुंबई जाने से पहले मुनव्वर के परिवार ने बड़ी आर्थिक तंगी झेली थी और उस समय कॉमेडियन को समोसे बेचकर अपने परिवार का पेट पालना पड़ा था। परिवार के हालातों को देखते हुए मुनव्वर ने मुंबई में बर्तन की दुकान पर काम किया था. इस काम को करने के लिए उन्हें केवल 60 रुपये की दिहाड़ी मिला करती थी।