अबरार अल्वी
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पटकथा लेखन में छोड़ी अमिट छाप
अबरार अल्वी ने सबसे पहले साल 1954 में रिलीज हुई फिल्म 'आर-पार' के संवाद लिखे। इस फिल्म के संवादों ने दर्शकों को आकर्षित करने का काम किया। उनके लेखन में आम आदमी की भाषा, जीवन का दर्द, हास्य और भावनात्मक गहराई की झलक दिखती थी। इस फिल्म के अलावा उन्होंने ‘मिस्टर एंड मिसेज 55’, ‘सीआईडी’, ‘प्यासा’, ‘कागज के फूल’, 'लैला मजनू' जैसी फिल्मों के लिए संवाद और पटकथा लेखन का काम किया।
निर्देशन करियर में भी छा गए अबरार अल्वी
साल 1962 में रिलीज हुई 'साहिब बीबी और गुलाम', जो अबरार अल्वी के करियर का सबसे खास पल रहा। इस फिल्म का निर्देशन अबरार अल्वी ने किया था, जो गुरु दत्त के प्रोडक्शन में बनी थी। हालांकि, फिल्म में गुरु दत्त साहब के निर्देशन की भी झलक दिखती है। इस फिल्म ने लोगों का दिल जीत लिया, जिसके लिए अबरार अल्वी को फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं भारत सरकार ने इस फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी दिया और फिल्म को उस साल ऑस्कर में भी नामांकित किया गया था।