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100 Years Of Raj Kapoor: रणबीर कपूर ने खोले राज कपूर के दिलचस्प राज, दादा से रिश्वत में मिलती थी यह चीज

Sat, 14 Dec 2024 12:08 PM IST
साक्षी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

Raj Kapoor: बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर की आज 100वीं जयंती के मौके पर चलिए रणबीर कपूर से जानते हैं उनके दादा से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें... 
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राज कपूर-रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
100 Years Of Raj Kapoor: बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर की आज 100वीं जयंती है। इस खास मौके पर सभी प्रशंसक और सितारे जश्न मना रहे हैं। राज कपूर की विरासत को आज भी उनके पोते रणबीर कपूर द्वारा याद किया जाता है। इसका उदाहरण रणबीर कपूर गोवा में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) में दिया था, जहां उन्होंने राहुल रवैल से बातचीत के दौरान अपने दादा राज कपूर के बारे में कई दिलचस्प बातें साझा की थीं। ऐसे में चलिए राज कपूर की 100वीं जयंती पर आपको रणबीर कपूर द्वारा बताए गए कुछ रोचक बातों के बारे में बताते हैं...
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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
दादा से रिश्वत में मिलती थीं टॉफियां
दादा राज कपूर को याद करते हुए रणबीर कपूर ने कहा था, 'मेरी उनसे जुड़ी सबसे पुरानी यादें एक बड़े आदमी की तरह हैं, जिनकी नीली आंखें थीं। वह हमें अपने कमरे में ले जाते थे और अपने फ्रिज में ये कारमेल टॉफियां छिपा देते थे। वह हमें एक लाइन में खड़ा करते थे- सभी चचेरे भाई-बहन, करीना, करिश्मा, मेरी बहन, मैं और हमसे सलाम करने और आवारा हूं' गाना गाने के लिए कहते थे।'
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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
ऐसे उठाया लाडले होने का फायदा
एक खास बात साझा करते हुए रणबीर कपूर ने कहा, 'मेरी उनसे जुड़ी यादें बहुत निजी हैं। मैं उन्हें तब और बेहतर तरीके से जान पाया, जब मैंने फिल्मों को समझना शुरू किया, जब मैंने समझना शुरू किया कि वह कौन थे, उनका सिनेमा में क्या योगदान था। मैं उनका पहला पोता था और मुझे बहुत प्यार मिला। जब भी मेरी मां मुझ पर चिल्लातीं तो मैं उन्हें फोन करता। वह मेरी मां को फोन करके डांट देते थे। मैंने इसका फायदा उठाया।'

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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
जब राज कपूर का हुआ निधन
राज कपूर के निधन के बारे में बात करते हुए रणबीर ने कहा, 'जब मैं छह साल का था, तब उनका निधन हो गया और मुझे उस दिन की एक स्पष्ट याद है। हम सभी बच्चे ऊपर खेल रहे थे और जब हमने नीचे देखा तो हमें लोगों का एक समुद्र दिखाई दिया। मैंने अपने जीवन में इतने सारे लोगों को कभी नहीं देखा था। उस दिन मुझे समझ में आया कि ठीक है, इस आदमी का कुछ रुतबा है, कुछ मूल्य है, उन्होंने कुछ किया है, इसलिए इतने सारे लोग उसे श्रद्धांजलि देने आए हैं। वह याद हमेशा मेरे साथ रहेगी।'
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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
नैतिक मूल्यों के साथ बनाईं मजबूत फिल्में
राज कपूर की फिल्म निर्माण पर चर्चा करते हुए रणबीर कपूर ने अपने दादा की अपने करियर के दौरान विभिन्न सामाजिक विषयों से निपटने की क्षमता के बारे में बात की थी। उन्होंने कहा था, 'अगर आप ‘आवारा’ देखें तो यह जातिवाद पर आधारित थी। 'श्री 420’ लालच और वंचितों के बारे में बात करती है। अपनी बाद की फिल्मों में उन्होंने भारतीय नैतिक मूल्यों के साथ मजबूत फिल्में बनाईं। उनकी पिछली कुछ फिल्में समाज के बारे में ईमानदारी से बात करती थीं, लेकिन फिर भी वे उन्हें व्यावसायिक और वास्तव में मनोरंजक बनाने में कामयाब रहे।'
 
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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के बारे में बात की
रणबीर कपूर ने दादा राज कपूर के बारे में बात करते हुए कहा था, ''प्रेम रोग' में उन्होंने पितृसत्तात्मक समाज में महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के बारे में बात की थी। 'राम तेरी गंगा मैली' में उन्होंने नायक गंगा की तुलना गंगा नदी से की थी... कैसे पहाड़ों में यह पवित्र होती है, लेकिन नीचे पहुंचते-पहुंचते समाज और मानवीय आदतों के कारण यह अपवित्र हो जाती है।'
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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
समय के साथ चलते थे दादा
रणबीर ने राज कपूर की आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा, 'उन्होंने मेरा नाम जोकर बनाई, जो एक बहुत बड़ी आपदा थी। उन्होंने बहुत सारा पैसा खो दिया और यहां तक कि उनका घर भी गिरवी रख दिया गया, लेकिन फिर भी उनमें नए लोगों के साथ एक फिल्म (बॉबी) बनाने का साहस था... एक 50 वर्षीय व्यक्ति युवाओं के लिए एक फिल्म बना रहे थे। वह समय के साथ चलते रहे। वह लगातार आम आदमी और उस तरह की कहानियों के संपर्क में थे, जो लोग देखना चाहते थे। उस समय 50 साल की उम्र में बॉबी जैसी फिल्म बनाना, जो किशोरों से बात करती है, वास्तव में आश्चर्यजनक है।'

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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
जोखिम उठाकर बनाईं फिल्में
रणबीर कपूर ने कहा, 'राज कपूर इसलिए राज कपूर थे, क्योंकि उन्होंने किसी मॉडल का अनुसरण नहीं किया। उन्होंने जोखिम उठाया, लगातार सीमाओं को आगे बढ़ाया और अलग-अलग किरदारों की अलग-अलग कहानियां बताईं। अगर आप किसी भी तरह की विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो आपको इसे बहुत ही व्यक्तिगत दृष्टिकोण के साथ करना होगा।'






 

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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
राज कपूर का रणबीर के साथ खास पल
दादा से जुड़ी और कुछ खास बातें याद करते हुए रणबीर ने कहा, 'वह अपने चेंबूर स्थित घर में बहुत बड़ी-बड़ी पार्टियां करते थे। फिल्म इंडस्ट्री के ज्यादातर लोग इसमें शामिल होते थे। घर में एक बड़ा बगीचा था और एक बार, जब मैं नंगे पैर वहां खेल रहा था तो मुझे बहुत सारी लाल चींटियों ने काट लिया। यह आधी रात की बात है। मेरे दादाजी पार्टी के बीच में थे और खूब मौज-मस्ती कर रहे थे, लेकिन उन्होंने मुझे उठाया, अपने बाथरूम में ले गए और मेरे पैर धोने लगे। वह एक ऐसा पल है, जिसे मैं वाकई याद करता हूं।'

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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
राहा को सुनाया दादा का यह गाना
रणबीर कपूर ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले अपनी बेटी राहा को अपने दादा राज कपूर का मशहूर गाना 'किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार' ही सुनाया। उन्होंने कहा कि इसके बोल बहुत सरल हैं और यह निश्चित रूप से आपके जीवन जीने का एक बेहतरीन दर्शन है।
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रणबीर कपूर - फोटो : अमर उजाला
रूस में लोकप्रिय हुए राज कुमार
रणबीर कपूर ने अपने दादा राज कपूर की रूस में लोकप्रियता के बारे में बात करते हुए कहा, 'संगीत हर किसी को छूता है... आपको भाषा जानने की जरूरत नहीं है। यह एक कला है जो आत्मा को छूती है। जिन किरदारों और कहानियों पर उन्होंने फिल्में बनाईं, वे सार्वभौमिक रूप से आकर्षक थीं। सिर्फ सोवियत संघ ही नहीं... वे पूर्वी यूरोप, मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया में भी लोकप्रिय थे।
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