बदलते परिवेश और बढ़ती तकनीक ने लोगों को अनेकों सुविधाएं दी हैं। लेकिन लोग मोबाइल के चलते चिट्ठियों के महत्व को कम आकने लगे हैं। आज यानी 9 अक्तूबर को विश्व डाक दिवस मनाया जाता है। जबकि 10 अक्तूबर को नेशनल पोस्ट डे मनाया जाता है। आगे पढ़ते हैं इससे जुड़ी दिलचस्प जानकारी और भारत में एक दिन बाद क्यों मनाया जाता है ये डाक दिवस...
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बता दें कि सन् 1874 में स्विट्जरलैंड के बर्न में यूपीयू यानी यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की स्थापना आज ही के दिन हुई थी। भारत 1 जुलाई, 1876 में यूपीयू का सदस्य बना था। खास बात ये है कि भारत एशिया का पहला देश है जिसे इसकी सदस्यता मिली है।
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जब देश आजाद हुआ था उस वक्त पूरे देश में 23,344 डाक घर थे।
अगर शहरी क्षेत्रों की बात करें तो 19,184 डाक घर और ग्रामीण क्षेत्रों में 4,160 डाक घर थे।
भारत में एक डाक घर 21.20 वर्ग किमी क्षेत्र और 7174 लोगों की जनसंख्या को सेवा प्रदान करता है।
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- फोटो : अमर उजाल
2008 तक के आंकड़ें-
2008 तक पूरे देश में 1,55,035 डाक घर थे।
अगर शहरी क्षेत्रों की बात करें तो 1,39,173 डाक घर और ग्रामीण क्षेत्रों में 15,862 डाक घर थे।