फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौत के 19 साल बाद भी सुर्खियों में अमेरिकी पत्रकार; पाकिस्तान भी परेशान, पढ़िए पूरा मामला

Fri, 29 Jan 2021 07:12 PM IST
Devesh Devesh एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 9
डेनियल पर्ल, अमेरिकी पत्रकार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
डेनियल पर्ल के नाम से पाकिस्तानी हुक्मरानों की नींद उड़ी हुई है। अमेरिका में इस नाम को इज्जत से लिया जाता है और पाकिस्तान को लानत भेजी जाती है। दुनियाभर के खोजी पत्रकार डेनियल को मिसाल के तौर पर बड़े गर्व के साथ याद करते हैं। डेनियल पर्ल की मौत के 19 साल बाद भी उनका नाम अक्सर दुनियाभर की सुर्खियों में रहता है। आइए आपको बताते हैं कौन है डेनियल पर्ल, क्या है उनकी मौत का रहस्य और क्यों हैं वे चर्चा में साथ ही क्या है उनका पाकिस्तान कनेक्शन?  
विज्ञापन

2 of 9
Daniel Pearl (File Photo) - फोटो : ANI
कौन हैं डेनियल पर्ल
अमेरिकी नागरिक डेनियल पर्ल अमेरिकी अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के पत्रकार थे। जनवरी 2002 में अलकायदा से जुड़े पाकिस्तानी आतंकी समूहों उनका कराची के दक्षिणी हिस्से में अपहरण कर लिया था। बाद में अपहरणकर्ताओं ने उनकी हत्या कर दी थी और उनके कटे हुए सिर के साथ वीडियो जारी की गई थी। यह वीडियो लगभग एक महीने बाद कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को भेजी गई थी। इस मामले ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था।
विज्ञापन

3 of 9
डेनियल पर्ल, अमेरिकी पत्रकार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
डेनियल पर्ल ने क्या किया
उस वक्त 38 वर्षीय खोजी पत्रकार डेनियल दक्षिण एशिया ब्यूरो की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 19 साल पहले अपनी जिंदगी के उन अज्ञात आखिरी पलों के दौरान वे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और आतंकी संगठन अलकायदा के आपसी संबंधों को उजागर करने के लिए पड़ताल कर रहे थे। इस दौरान वे कराची में इस्लामी चरमपंथी गतिविधियों और रिचर्ड रीड के बीच संबंध के बारे में भी जानकारी जुटा रहे थे। रीड ने जूतों में बम छिपाकर एक यात्री विमान में धमाके की कोशिश की थी।

4 of 9
डेनियल पर्ल, अमेरिकी पत्रकार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
डेनियल की हत्या किसने की
डेनियल पर्ल का कटा हुआ सिर देखकर दुनियाभर के लोग बेइंतहा बेरहमी से सहम गए थे। अमेरिका और वैश्विक आक्रोश एवं दबाव के बीच पाकिस्तान के तत्कालीन तानाशाह शासक राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ मामले की जांच की बात कही। बाद में ब्रिटिश मूल के आतंकी अहमद उमर सईद शेख और तीन अन्य आतंकियों फहाद नसीम, सलमान साकिब और शेख आदिल को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया का एक धड़ा यह भी दावा करता है कि पत्रकार डेनियन पर्ल की हत्या खालिद शेख मोहम्मद द्वारा की गई थी। खालिद शेख मोहम्मद अमेरिका में 11 सितंबर, 2001 को हुए आतंकी हमलों में भी शामिल था।
विज्ञापन

5 of 9
Daniel Pearl - फोटो : Social Media
अहमद उमर सईद शेख कौन है
अहमद उमर सईद शेख उन तीन आतंकवादियों में शामिल है जिन्हें भारत ने दिसंबर 1999 में अपहृत इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी -814 के बंधकों को छुड़ाने के बदले मुक्त किया था। 47 वर्षीय शेख पूर्वी लंदन में बड़ा हुआ और बोस्नियाई युद्ध के दौरान राहत प्रयासों में शामिल रहा था। परवेज मुशर्रफ ने अपनी पुस्तक 'इन द लाइन ऑफ फायर' में आरोप लगाया है कि शेख को ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई-6 द्वारा बाल्कन में भेजा गया था। बाल्कन के बाद, शेख पाकिस्तान में एक आतंकी संगठन में शामिल हुआ और उसने भारत में घुसपैठ से पहले पाकिस्तान और अफगानिस्तान में प्रशिक्षण लिया।
विज्ञापन

6 of 9
दिसंबर 1999 में अपहृत इंडियन एयरलाइंस का विमान IC-814 - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
भारतीय जेल में बंद था अहमद उमर सईद शेख 
आतंकी अहमद उमर सईद शेख ने भारत में एक अपहरण मामले में 1994 से 1999 तक जेल में समय बिताया। भारत द्वारा 1 जनवरी, 2000 को शेख को मौलाना मसूद अजहर और मुश्ताक अहमद जरगर के साथ जेल से छोड़ दिया गया था। 2002 में गिरफ्तारी के समय शेख आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद का सदस्य था। भारत में शेख पर अमेरिका में 9/11 के हमलों को लेकर भी आरोपित किया है। उसने न्यूयॉर्क शहर में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में विमानों को उड़ाने वाले आतंकवादियों में से एक मोहम्मद अत्ता को 1,00,000 डॉलर भेजे थे।
विज्ञापन

7 of 9
आतंकी अहमद उमर सईद शेख - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
अहमद उमर सईद शेख का क्या हुआ
पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने 2002 में अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के दोषी आतंकी उमर सईद शेख और उसके तीन साथी आतंकियों फहाद नसीम, सलमान साकिब और शेख आदिल को फांसी की सजा सुनाई थी। लेकिन इस साल अप्रैल में पाकिस्तान के सिंध उच्च न्यायालय ने शेख की सजा को कम करते हुए उसे केवल अपहरण का दोषी बताया और उसे आजीवन कारावास की सजा काट रहे तीन अन्य आतंकी साथियों के साथ रिहा कर दिया जो इस मामले में दोषी थे। सिंध उच्च न्यायालय ने अप्रैल, 2020 में शेख की मौत की सजा को पलटकर सात साल कारावास में बदल दिया और उसके तीनों साथी आरोपियों फहाद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब को बरी कर दिया था।

8 of 9
Supreme Court of Pakistan
परिवार पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
पाकिस्तान के सिंध प्रांत की सरकार और डेनियल पर्ल के परिवार ने सिंध उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की थीं। गुरुवार, 28 जनवरी को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाएं खारिज कर दी और आतंकी अहमद उमर सईद शेख को रिहा करने का आदेश दिया। न्यायाधीशों ने आदेश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है तो शेख को तुरंत रिहा किया जाए।
विज्ञापन

9 of 9
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन - फोटो : PTI
अमेरिका ने निंदा की, पाकिस्तान को चेताया
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर पाकिस्तान सरकार से नाराजगी जाहिर की है। बाइडन प्रशासन ने कहा है कि वह मामले में हस्तक्षेप करने के लिए तैयार है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह क्या और कैसे करेंगे। वहीं, डेनियल पर्ल के परिवार ने भी इसे न्याय का मजाक बताया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें