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कैसे होती है IAS अधिकारियों की ट्रेनिंग, करनी पड़ती है हिमालय की भी ट्रेकिंग

Sun, 08 Dec 2019 09:03 AM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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IAS Training - फोटो : amar ujala
देश की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनने का सबसे अच्छा माध्यम है भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS - Indian Administrative Service)। यह तो सभी जानते हैं कि इसके लिए हर साल संघ लोक सेवा आयोग (UPSC - Union Public Service Commission) परीक्षा आयोजित करता है। हर साल लाखों की संख्या में देशभर से उम्मीदवार इन परीक्षाओं में शामिल भी होते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के अहम पदों पर बैठकर प्रशासनिक व्यवस्था संभालने वाले इन अधिकारियों को किस तरह की ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है? इनके लिए सिर्फ यूपीएससी परीक्षा में सफल होना ही काफी नहीं होता। बल्कि उसके बाद भी कठोर प्रशिक्षण का सामना करना पड़ता है। कैसी होती है इन आईएएस अधिकारियों की ट्रेनिंग, आगे की स्लाइड्स में पढ़ें।
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  • आईएएस अधिकारियों को केंद्र और राज्य सरकारों में बेहद अहम पदों की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। एक आईएएस अधिकारी राज्य में मुख्य सचिव और केंद्र सरकार में कैबिनेट सचिव के पद तक पहुंच सकता है।
  • आईएएस अधिकारी बनने के लिए न्यूनयम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष है।
  • वहीं, आयु सीमा में एससी और एसटी के लिए पांच साल और ओबीसी के लिए तीन साल की छूट दी गई है।
  • IAS अधिकारी बनने के लिए प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और फिर साक्षात्कार, ये तीनों महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। जब ये तीनों पड़ाव पूरे हो जाते हैं तब ट्रेनिंग का दौर शुरू हो जाता है। 
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सबसे पहले उम्मीदवार को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी यानी (LBSNAA) ले जाया जाता है। जहां वरिष्ठ प्रशिक्षक अफसरों द्वारा ट्रेनिंग दी जाती है। 

पहला चरण-
पहले चरण में कठोर प्रशिक्षण दिया जाता है। जिसकी वजह होती है नौकरी करते समय आने वाली तमाम चुनौतियों और अपने कार्यों को करने में सक्षम बनाना। जिला प्रशिक्षण इसी के अंतर्गत आता है। इस प्रशिक्षण के तहत क्या होता है, आगे पढ़ें।

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शीतकालीन अध्ययन टूर-
  • टूर के माध्यम से भारत दर्शन कराया जाता है, जिससे प्रशिक्षु अपने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विवधता को करीब से जान सकें। यह पहला टूर होता है।
  • इसके साथ ही वे एक हफ्ते का प्रशिक्षण संसदीय अध्ययन ब्यूरो के माध्यम से लेते हैं। भारत में संसदीय प्रणाली को समझने के लिए ये प्रशिक्षण होता है।
  • प्रशिक्षुओं को भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य शख्सियतों से मिलवाना भी इसी के अंतर्गत आता है।
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दूसरा चरण-
  • अब दूसरे चरण में आता है एकेडमिक मॉड्यूल। इसके अंतर्गत नीति निर्माण से लेकर कानून व्यवस्था, कृषि भूमि प्रबंधन व बुनियादी ढांचा, पब्लिक एवं प्राइवेट पार्टनरशिप आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है। जिसे एक ऑफिसर के लिए सीखना बेहद जरूरी है।
  • प्रशासन और आईएएस का दृष्टिकोण और कृतव्य इसी पड़ाव में सिखाए जाते हैं। साथ ही सॉफ्ट स्किल्स और परियोजना मूल्यांकन आदि के बारे में समझाया जाता है।
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IAS
  • हर शाम प्रशिक्षण ले रहे उम्मीदवारों के लिए खेल समेत कई सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होती हैं। घुड़सवारी में भी भाग ल सकते हैं।
  • आउटडोर एक्टिविटी जैसे- एडवेंचर स्पोर्ट्स, रॉक क्लाइंबिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवल राफ्टिंग, शॉर्ट टेक्स आदि पर ज्यादा जोर दिया जाता है। 
  • इसके अलाव ग्रेटर हिमालय पर ट्रेकिंग का भी मौका दिया जाता है। 
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