यूपीएससी की तैयारी के समय ललित को बहुत समस्याएं आयी। पहले तो मैटीरियल ही नहीं मिलता था, वे जैसे-तैसे ऑडियो बुक्स अरेंज करते थे, फिर जिस लेवल की तैयारी की आवश्यकता है वह किसी और की मदद से करना खासा मुश्किल काम है। दोनों ने कभी हार नहीं मानी और दिन-रात एक करके पढ़ाई की। ललित कहते हैं कि प्री के समय जब वे प्रैक्टिस करते थे तो पहले मां सारे प्रश्न पढ़कर सुनाती थी जिनके आंसर समय के अंदर ललित देते थे और बाद में उनकी मां उत्तर भी बताती थी। सात से आठ घंटे लगातार बोलते-बोलते उनकी मां की आवाज चली जाती थी पर उन्होंने कभी उफ्फ नहीं की। पानी पिया, कॉफी पी और फिर काम पर लग गई।