3 राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में 11 दिसंबर यानी आज चुनाव के नतीजों का बेसबरी से इंतजार है। जनता किसको पसंद कर रही है और किसे कितने वोट मिले हैं ये सब EVM मशीन के अंदर एक राज की तरह छुपा है। जो कभी भी लोगों के सामने आ सकता हैं। आज हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह से होती है ईवीएम में वोटों की गिनती...
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- वोट के समय उम्मीदवारों के आलावा राज्य के रिटर्निंग ऑफिसर मौजूद होते हैं।
- आपको बता दें इसके लिए काउंटिंग की 14 सीटें बनाई जाती है।
- एक समय में कम से कम 14 EVM गिनती होती है।
- जब भी वोटों की गिनती शुरू होती है तो पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) की जांच की जाती है जो काउंटिंग स्टाफ और एजेंट्स करते हैं।
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- जब पूरी तरह से जांच हो जाती है तो उके आधे घंटे बाद ईवीएम वोटों की गिनती शुरू की जाती है।
- रिटरनिंग ऑफिसर का काम होता है हर राउंड के बाद कम सेकम दो मिनट तक रोकना।
- रोकने का मकसद होता है अपने एजेंटों से वोटं की रि-काइंट करवाना।पर ऐसा कभी-कभी होता है।
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- पूरी प्सरक्भीरिया खत्म होने के बाद और अच्छे से जांच करने के बाद रिटरनिंग ऑफिसर को तब परिणाम जारी करने की अनुमति मिल जाती है।
- रिटर्निंग ऑफिसर सीधे जनता को परिणाम नहीं सुनाता बल्कि चुनाव आयोग और उचित प्राधिकारी को नतीजे बताता है।
- आपको बता दें कि काउंटिंग सुबह 8 बजे शुरू होकर तब तक चलते हां जब कर प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती ।
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क्या आप जानते हैं-
जब आप काउंटिंग हॉल के अंदर जाते हैं तो आपके फोन बाहर रखवा लिए जाते हैं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में तीन बाक चेकिंन की जाती है।
पुलिस लगातार वहां मौजूद रहती है।
कभी कभी स्थति बिगड़ जाती है इसलिए नियंत्रण में रखने के लिए मेन गेट पर वरिष्ठ मजिस्ट्रेट को तैनात किया जाता है।
काउंटिंग बूथ के आस-पास सौ मीटर का दायरा बनाया जाता है।
काफी जांच पड़ताल और सुरक्षा के साथ EVM काउंटिंग बूथ पर लगाते हैं।