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बिना हाथ-पैरों के पैदा हुआ था ये शख्स, आज है करोड़ों लोगों का 'रोल मॉडल'

Tue, 07 Feb 2017 07:05 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक ऐसी शख्सियत हैं जिसके बारे में यदि आप पढे़गे तो आप भी जीवन से निराश होना छोड़ देंगे। हर इंसान कि जिंदगी में कभी ना कभी कठिनाइयां तो आती हैं और इंसान इतना कमजोर होता है कि लड़ने से पहले ही हार मान जाता है ऐसे में मोटिवेशन के लिए निकोलस वुजिसिक को लें, तो कुछ गलत नहीं होगा।
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निकोलस वुजिसिक एक 34 वर्षीय सफल प्रेरक वक्ता हैं जिनके जन्म से ही हाथ-पैर नहीं हैं। कई डॉक्टर भी उनके इस विकार को सुधारने में असफल रहे। जन्म से ही ऐसा जीवन बिताना उनके लिए चुनौतियों भरा रहा। कई बार कुछ प्रश्न भी अक्सर उन्हें परेशान किया करते थे, कि वे दुसरों से अलग क्यों हैं, क्या उनके जीवन कोई उद्देश्य भी है या नहीं। लेकिन उन्होंने कभी इस जीवन से हार नही मानी और हमेशा आम लोगों की तरह जिंदगी को जीने की कोशिश करते रहे।
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19 साल की आयु में उन्होंने अपना पहला भाषण दिया। अब तक निक कई देशों की यात्रा कर चुके हैं और अपनी प्रेरणादायी बातों से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। विश्वभर में आज निक के करोड़ों अनुयायी हैं, जो उन्हें देखकर प्रेरित होते हैं। उन्हें कई पुरस्कार भी मिले हैं।

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2007 में निक ने ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण कैलिफ़ोर्निया की लंबी यात्रा की, जहां वे इंटरनेशनल नॉन-प्रॉफिट मिनिस्ट्री, लाइफ विथआउट लिम्बस के अध्यक्ष बने। अपनी इस बहादुरी के लिए उन्होंने ऑस्ट्रेलियन यंग सिटीजन अवार्ड भी जीता।
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आज वे एक लेखक, संगीतकार, कलाकार हैं और साथ ही फिशिंग, पेंटिंग और स्विमिंग का भी शौक रखते हैं। वे सामान्य व्यक्ति की ही तरह गोल्फ और फुटबॉल खेलते हैं, तैराकी और सर्फिंग करते हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा प्रभावित करने वाली बात यह है कि उनका जीवन के प्रति नजरिया और खुशी दुनिया को जिंदगी जीने का तरीका सिखा रही है।
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जहाँ हम छोटी-छोटी बातों से परेशान और हताश हो जाते हैं वहीं निक वुजिसिक जैसे लोग हर पल यह साबित करते रहते है कि असंभव कुछ भी नहीं है। जिंदगी द्वारा दी गई हर चीज को खुलेमन से स्वीकार करना चाहिए, चाहे वे मुश्किलें ही क्यों ना हों। मुश्किलें ही वो सीढ़ियां हैं जिन पर चढ़कर हमें जिंदगी में कामयाबी और खुशी मिलती है।
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