Success Story of Simi Karan IAS officer
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रोज का नया और छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित किए
सिमी ने हमेशा पढ़ाई की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया और कहा कि मैंने कभी भी अध्ययन के घंटों पर ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि पूरा करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए रोज का नया और छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित किए। इसलिए, शेड्यूल के हिसाब से उतार-चढ़ाव आया लेकिन औसतन मैंने 8-10 घंटे पढ़ाई की।
बकौल सिमी, मैंने सीमित संसाधनों के साथ पढ़ाई की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित किया। इसके साथ ही दिमाग को आराम देने के लिए स्टैंड-अप कॉमेडी देखना और जॉगिंग के लिए भी समय निकाला। सिमी कहती हैं कि लक्ष्य तय करने के बाद चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। खुद अपने सबसे बड़े आलोचक बनें, अपने प्रयासों का मूल्यांकन करें और आवश्यकतानुसार अपने रणनीति में बदलाव करें। राइटिंग स्किल भी इम्प्रूव करें।