अगर आप गोलगप्पे खाने के बहुत शौकीन हैं पर हाईजीन को देखते हुए अपनी इस पंसद को नजरअंदाज कर देते हैं तो चिंता की कोई बात नहीं है। मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कर्नाटक के फाइनल ईयर के छात्रों ने आपके लिए कुछ ऐसा कारनामा किया है जिससे आपकी ये परेशानी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।
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न सॉफ्टवेयर प्रोग्राम न ड्रोन न ही कोई करामाती कार इस बार इंजीनियरिंग के 4 छात्रों ने (साहस गम्बाली, नेहा श्रीवास्तव, सुनंदा सोमु, करिश्मा अग्रवाल) ने कड़ी मेहनत के बाद कुछ हटकर बनाया है।
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इन छात्रों ने एक ऐसी ऑटोमेटिक गोलगप्पा वेंडिंग मशीन बनाई है जो न केवल गोलगप्पे डिसपेंस करती है बल्कि गोलगप्पों में चटपते आलू, मटर फिल करने के साथ गोलगप्पे का पानी भी फटाफट भर कर लोगों को खिला सकती है।
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इस मशीन के सामने की साइड में एक कंट्रोल पैनल है। साथ ही इसमें एक साइड पैनल भी है जहां कोई भी अपने प्रोडक्ट्स की ऐड कर सकता है।
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भारत में गोलगप्पे के क्रेज को देखते हुए इन छात्रों के दिमाग में ऐसा कुछ बनाने का आइडिया आया जिससे कि लोग इसे खाने में हाइजीन की परवाह न करें और इसके बाद उन्होंने ये मशीन इंवेंट की। इस मशीन को बनाने में इन छात्रों को 6 महीने का समय लगा।
इस मशीन को मॉल और शॉपिंग कॉम्पलेक्स के सामने रखना आइडियल होगा। टीम की इस डिवाइस को एक वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना है, जिससे की विदेशों में रह रहे कई भारतीय लोग भी हाइजीनिक गोलगप्पे का लुत्फ उठा सकें।