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बैंक की मालदार नौकरी छोड़कर करने लगा खेती, कारण जान आ जाएंगे आंखों में आंसू

Fri, 03 Feb 2017 08:03 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एक समय था जब हर कोई खेती-बाड़ी छोड़ कर के नौकरी करना चाहता था ताकि पैसे कमा सके। लेकिन अपनी नौ से पांच की नौकरी से ऊब चुके आजकल के युवा वापस अपनी जड़ों की तरफ लौट रहे हैं। कुछ अर्थपूर्ण करने की तलाश इन्हें खेती की तरफ ले आई है जिससे ये अपना और समाज का भला कर सकेंगे।
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संकल्प शर्मा भी उन्हीं चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्होंने अपनी सालों की नौकरी खेती के लिए छोड़ दी। आज वह खेतों में मेहनत कर रहे हैं और उसे अच्छी कमाई भी कर रहे हैं।
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संकल्प पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं और एमबीए में भी उनके पास डिग्री है। संकल्प 10 साल से एक कंपनी में कार्यरत थे। अपनी नौकरी छोड़ कर खेती शुरू करना उनके लिए आसान नहीं था लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। संकल्प कहते हैं कि जब सैलरी आनी बंद हो जाती है तो सबसे ज्यादा दिक्कत आती है। लेकिन अपने काम में जो खुशी मिलती है, उसी खुशी ने उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत दी।

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संकल्प भोपाल के रहने वाले हैं और उनके परिवार के पास विदिशा में कुछ एकड़ जमीन थी। संकल्प ने उसी जमीन पर खेती करना शुरू किया। वह चाहते थे कि फसल बिना कीटनाशकों और केमिकल्स के उगाई जाए। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने खेती की कई बारिकियां भी सीखीं।
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पौधे 98 प्रतिशत पोषक तत्व पानी, हवा और धूप से लेते हैं। इसी तकनीक से उन्होंने खेती शुरू की। आज संकल्प अपनी जमीन पर टमाटर, प्याज, लहसुन, अदरक और कई किस्म की दालें उगाते हैं। खेती के लिए वह रोजाना भोपाल से विदिशा का 140 किलोमीटर का सफर तय करते हैं।
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संकल्प चाहते हैं कि वह किसानों और खरीदारों के बीच का अंतर भी कम हो। जहां किसान मेहनत करने के बावजूद अपनी फसल का पूरा पैसा नहीं निकाल पाता, वहीं बिचौलिए सारा मुनाफा कमा ले जाते हैं। वह चाहते हैं कि भारत के किसान और जागरुक बनें ताकि उनके हक का पैसा कोई और ना ले जा सके। संकल्प प्राकृतिक खेती के बारे में भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को बताना चाहते हैं।
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