एक अकेला इंसान क्या नहीं कर सकता, इसका सही जवाब हैं संदीप गजकस। जिन्होंने कड़ी मेहनत, लगन और जिद की बदौलत वो हासिल किया जिसका उन्होंने सपना देखा। हालांकि शुरुआत में भले ही संदीप को मंजिल को पाने में मुश्किलें आयी लेकिन दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने हर मुश्किल को पार किया।
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sandeep gajakas
आज हम आपको ऐसे इंसान की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने अपने संघर्ष और साहस के दम पर वो कर दिखाया जिसके बाद दुनिया में उनकी पहचान करोड़पति के रूप में होती है।
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ये कहानी एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले संदीप गजकस की है। संदीप उन सभी के लिए मिसाल है जो किसी काम को छोटा बड़ा मानते हैं। संदीप इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि अगर आइडिया बेहतरीन हो तो किसी भी काम के जरिए कामयाबी हासिल की जा सकती है।
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इंजीनियरिंग में करियर बनाने की राह को छोड़कर संदीप ने जूता पोलिशिंग और रिपेयरिंग का काम करने का फैसला लिया। जिसे लोग शायद मजबूरी में भी ना करना चाहें।
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आपको जानकर हैरानी होगी कि अपने बाथरूम को वर्कशॉप बनाकर संदीप गजकस ने शू पॉलिशिंग को लेकर रिसर्च करना शुरू किया। इसके लिए उन्होंने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के जूते पॉलिश करने का काम किया।
संदीप गजकस आज द शू लॉन्ड्री नाम से अपनी शू पॉलिशिंग एंड रिपेयरिंग कंपनी चलाते हैं। कंपनी का सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपए से भी ज्यादा है। मुंबई से शुरू हुई गजकस की ये कंपनी आज देश के कई शहरों में पहुंच चुकी है।