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पिता के साथ बेचता था समोसा, IIT-JEE में हासिल किया 64वां रैंक

Mon, 12 Jun 2017 02:09 PM IST
amarujala.com- presented by- पूर्णिमा आचार्य
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हैदराबाद के रहने वाले वी मोहन अभ्यास ने कुछ ऐसा किया है जिसकी कल्पना करना सबके बस की बात नहीं होती। मोहन के पिता एक छोटी सी दुकान में समोसा बेचते हैं लेकिन मोहन को अपने सपने सच करने में उन्होंने पूरी मदद की। मोहन को एक अच्छी शिक्षा देने के लिए उन्होंने हर जरूरी कोशिश की और वो कामयाब भी हुए। आपको बता दें कि मोहन ने JEE Advance में 64वां रैंक हासिल किया है। 
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पिता के साथ बेचता था समोसा, IIT-JEE में हासिल किया 64वां रैंक

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उसने आईआईटी रुड़की जोन से 366 अंकों में से 339 अंक हासिल किए हैं। उसे गणित में 120, भौतिक विज्ञान में 104 और केमेस्ट्री में 115 मार्क्स मिले हैं। आपको बता दें कि मोहन ने JEE Main में 55वां रैंक हासिल किया था। 
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अपने रिजल्ट को देखने के बाद उसने बताया कि वो अपने परिणाम से खुश है लेकिन उसे लगा था कि वो मेरिट लिस्ट में 50वें  रैंक तक अपनी जगह बना लेगा। मोहन ने बताया कि वो एपीजे अब्दुल कलाम का बहुत बड़ा फैन है और उनकी तरह बनना चाहता है। उसे हमेशा से ही वैज्ञानिक बनने का  शौक रहा है और अब वो अपने सपने को पूरा कर सकता है। 

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उसके पिता वी शुभा राव एक छोटी सी दुकान में समोसा बेचते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं मोहन भी अपने पिता के साथ दुकान पर बैठकर समोसा बनाता था। मोहन के पिता को  अपने बेटे की इस सफलता पर गर्व है। उन्होंने बताया कि मोहन ने इस सफलता को पाने के लिए दिन में 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई की है। 
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वहीं मोहन ने भी अपने पिता की खुशी को देखते हुए कहा कि वो अपने पिता के लिए कुछ भी कर सकता है और उन्हें हर खुशियां देना चाहता है। मोहन अब आईआईटी बॉम्बे या मद्रास में पढ़ना चाहता है। 
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