कल्कि सुब्रमण्यम सिर्फ ट्रांसजेंडर समुदाय ही नहीं, सभी के लिए एक प्रेरणा हैं। बचपन से अपने अस्तित्व की लड़़ाई लड़ रही कल्कि को पहचान तब मिली जब 2015 में भारत सरकार ने उन जैसे सभी लोगों के लिए तीसरे जेंडर को मान्यता दी।
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कल्कि सुब्रमण्यम लेखिका, मीडिया पर्सनालिटी, एक्टर के साथ-साथ भारत की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। वह ट्रांसजेंडर हैं और अपने समुदाय के लिए उन्होंने काफी काम किया है। अब एक और उपलब्धि उनके खाते में जुड़ने जा रही है।
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कल्कि अब विश्व प्रसिद्ध हॉर्वड यूनिवर्सिटी में वक्ता बन कर जा रही हैं। कल्कि हॉर्वड बिजनेस स्कूल और हॉर्वड केन्नडी स्कूल में होने वाले दो दिवसीय इंडिया कॉन्फ्रेंस में अपना संदेश पूरी दुनिया को देंगी।
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इससे पहले इस कॉन्फ्रेंस में शशि थरूर और कमल हासन जैसी शख्सियत शामिल हो चुकी हैं। कल्कि के अनुसार, "मैं बहुत खुश हूं। इसकी बदौलत मैं ट्रांसजेंडर के मसले को पूरी दुनिया में रख सकती हूं।"
कल्कि मास कम्युनिकेशन और इंटरनेशनल रिलेशन्स में डबल मास्टर्स हैं। उन्होंने भारत के पहले ट्रांसजेंडर स्कूल का भी उद्घाटन किया है। 'सहज' नाम से इस स्कूल में उन ट्रांसजेंडर को पढ़ाया जाता है जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। कल्कि का हॉवर्ड में बोलना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।