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गोलगप्पे बेचते-बेचते बेटी को दी ऐसी सीख, वो बन गई 10वीं की टॉपर...काम आएंगे टिप्स

Wed, 23 May 2018 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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टॉपर सोनाली
मां अनपढ़, पिता बेचते हैं गोलगप्पे और बेटी ने 10वीं में टॉप करके रच दिया इतिहास। इनके पढ़ने का तरीका जानिए, बड़े काम आएगा।
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टॉपर सोनाली
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा में सिरसा के ऐलनाबाद की रहने वाली सोनाली ने प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। सोनाली ने 500 में से 495 अंक हासिल किए हैं। सोनाली की मां अनपढ़ हैं। पिता भूदेव सिंह गोल-गप्पे की रेहड़ी लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। लेकिन, विषम परिस्थतियां सोनाली के हौंसले को नहीं डिगा पाईं।
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exam - फोटो : डेमो
सोनाली ऐलनाबाद के सरस्वती हाई स्कूल की छात्रा है। पिता कहते हैं कि बेटी की मेहनत ने उनकी मेहनत को सफल कर दिया, बच्ची पर नाज है। सोनाली ने बताया कि वह स्कूल टाइम के अलावा रोज 6 घंटे नियमित पढ़ती थी। परीक्षा के दिनों में उसने पढ़ाई का समय बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया था। सोनाली की रूचि विज्ञान व तकनीक में है। वह इंजीनियर बनना चाहती है। कोटा जाकर आईआईटी परीक्षा की तैयारी करने की इच्छा थी।

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exam
सोनाली कहती है कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए, मैंने घर पर रहकर खुद ही आईआईटी की तैयारी का मन बनाया है। सोनाली अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता पिता और स्कूल के शिक्षकों को देती हैं। सोनाली की मां, बेटी की इस उपलब्धि से बहुत खुश है। वहकहती हैं कि बच्चों को आगे बढ़ते देखने की इच्छा है। अगर पढ़ाई में मदद मिले तो ये बहुत आगे जा सकती है।
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प्रदेशभर में बेटी के दूसरे स्थान पर रहने पर पिता की खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा। वे कहते हैं कि मेरी तो जवानी गोल गप्पे बेचते-बेचते बीत गई। आज बेटी ने जीवन में असली खुशी दी है। लग रहा है कि आज जीवन की सारी मेहनत रंग ला रही है। भूदेव ने बताया कि 28 साल से गोल गप्पे बेचकर घर चला रहे हैं। उनका एक बेटा जेबीटी है और छोटी बेटी कशिश अब दसवीं कक्षा में गई है।
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