10वीं में टॉपर करने वाले कार्तिक ने खुद अपनी सफलता का राज खोला और बताया कि आखिर कैसे छोटी सी उम्र में रच दिया इतिहास।
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टॉपर कार्तिक
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में जींद के कार्तिक ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। कार्तिक ने 500 में से 498 अंक प्राप्त किए। कार्तिक का सपना आईएफएस अधिकारी बनकर देश सेवा करने का है। उसके पिता प्रेमचंद काडा विभाग में डीसी रेट पर चौकीदार के रूप में काम करते हैं जबकि माता बिमला देवी का पिछले वर्ष देहांत हो गया था।
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टॉपर कार्तिक
कार्तिक की 4 बहनें हैं, जिनमें से 3 की शादी हो चुकी है। एक बहन एमबीए करने के बाद चंडीगढ़ में एक कंपनी में काम करती है। मूल रूप से गांव बुआना निवासी प्रेमचंद पिछले दस वर्षों से जींद की गुप्ता कॉलोनी में रहते हैं। कार्तिक ने दसवीं कक्षा में दाखिला लेते ही प्रदेश में टॉप करने का लक्ष्य रखा था। वह 5 से 6 घंटे तक प्रतिदिन पढ़ाई करता था। परीक्षा के दौरान कार्तिक ने 8 से 9 घंटे तक पढ़ाई की।
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टॉपर कार्तिक
कार्तिक ने बताया कि उसने किसी तरह की कोई ट्यूशन नहीं रखी हुई थी। टेक्स्ट बुक से पढ़कर ही तैयारी की थी। जैसे ही परीक्षा नजदीक आई तो जिन विषय में उन्हें लगा कि इनमें नंबर कम आएंगे, उनको ज्यादा टाइम दिया। कार्तिक का कहना है कि मां सबसे बड़ी प्रेरणा थी, जिससे ये मुकाम हासिल किया है। मां हमेशा कहती थी कि बड़ा होकर अफसर बनना है। इसी कारण से उसने टारगेट समझकर तैयारी की और यह मुकाम हासिल किया।
कार्तिक बताते हैं कि वह भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में जाना चाहता है। उसका कहना है कि इसके लिए वह पूरी मेहनत करेगा। वहीं, बेटे के प्रदेश में टॉप आने पर उसके पिता प्रेम सिंह भावुक हो गए। उनका कहना है कि बेटा हमेशा पढ़ाई करता है। उसने पूरे स्टेट में ये मुकाम हासिल कर अपनी स्वर्गवासी मां और मेरा नाम रोशन कर दिया है। मुझे बेटे पर नाज है।