साल 2013 में वह कैप्टन और 2014 में मेजर बने। कुछ समय बाद उन्होंने घातक कमांडो कोर्स भी क्वालीफाई किया। इसके बाद उन्होंने पैरा कमांडो फोर्स की ट्रेनिंग की। एक रिसर्च के मुताबिक, पैरा कमांडो फोर्स की ट्रेनिंग वालों में 10% ही सिलेक्ट होते हैं। परीक्षित के बैच में भी 5 अफसर और 13 जवान थे लेकिन फोर्स में अकेले परीक्षित ही चुने गए।