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दुश्मन के टैंकों का 'काल' बनेगी इस्राइल की यह मिसाइल, भारतीय सेना में हुई शामिल

Sat, 05 Oct 2019 03:27 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • भारतीय सेना में शामिल हुई स्पाइक मिसाइल
  • इस्राइल से मंगाई गई है आधुनिक तकनीक वाली ये मिसाइल
  • दुश्मन के टैंक को मार गिराने की क्षमता
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स्पाइक मिसाइल - फोटो : Twitter
भारत नए हथियारों को अपने बेड़े में शामिल कर अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में अब एक नई मिसाइल को भारतीय सेना में शामिल किया गया है। यह इस्राइल की स्पाइक मिसाइल (Spike Missile) है। आधुनिक तकनीक से बनी इस मिसाइल को टैंक किलर्स (Tank Killers) के नाम से भी जाना जाता है। 



ऐसी कितनी मिसाइलें भारत आई हैं? इसकी क्या खासियत है? पाकिस्तान को इससे क्या खतरा रहेगा? इस बारे में आगे की स्लाइड्स में पढ़ें। आगे स्पाइक मिसाइल की और तस्वीरें भी देखें।
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स्पाइक मिसाइल - फोटो : Twitter
  • स्पाइक एक एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) है, जो काफी ताकतवर हथियार के रूप में भारतीय थल सेना में शामिल हुई है।
  • यह अपने वार से दुश्मन के टैंक को ध्वस्त कर सकती है।
  • सूत्रों के अनुसार, इस्राइल से स्पाइक मिसाइलों का पहला जत्था करीब 10 दिन पहले ही भारत पहुंच चुका है।
  • इसमें 210 स्पाइक मिसाइलों के साथ-साथ दर्जनों लॉन्चर्स भी भारतीय सेना में शामिल किए गए हैं।
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भारतीय सेना में शामिल हुई स्पाइक मिसाइल (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
इंडियन इंफैंट्री में शामिल इस हथियार की ताकत से अब पाकिस्तान खौफ खाएगा। क्योंकि भारत के पास अब वो हथियार है जिससे पश्चिमी हिस्से में पाकिस्तान के बढ़ते टैंक्स को आसानी से ध्वस्त किया जा सकता है।

आगे पढ़ें, कितनी शक्तिशाली है ये मिसाइल

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स्पाइक मिसाइल (फाइल फोटो) - फोटो : eurospike.com
  • इस स्पाइक मिसाइल की क्षमता चार किलोमीटर दूरी तक वार करने की है। 
  • इसे 30 सेकेंड में लॉन्च किया जा सकता है। जबकि रीलॉन्च के लिए यह मिसाइल महज 15 सेकेंड में तैयार हो सकती है।
  • यह मिसाइल रात के अंधेरे में भी दुश्मन को पहचान कर सही वार कर सकती है।
  • भारत ने करीब 280 करोड़ रुपये में इस्राइल से ये मिसाइलें खरीदी हैं।

बालाकोट एयर स्ट्राइक से भी जुड़ी है ये डील, आगे पढ़ें कैसे

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स्पाइक मिसाइल (फाइल फोटो) - फोटो : eurospike.com
इस्राइल के साथ इन मिसाइलों की डील भारत द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक से भी जुड़ी है। जब 26 फरवरी को भारतीय मिराज 2000 लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मुहम्मद के ट्रेनिंग कैंपों को तबाह किया। उसके बाद ही भारत ने इन मिसाइलों की खरीदारी की प्रक्रिया शुरू की।

इसके पहले भारत उस मिसाइल का इंतजार कर रहा था जो रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) तैयार कर रहा है।

आगे पढ़ें, कैसी होगी डीआरडीओ की मिसाइल

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डीआरडीओ द्वारा किया गया एटीजीएम का परीक्षण - फोटो : Twitter
डीआरडीओ मैन पोर्टेबल एंटी टैंग गाइडेड मिसाइल (MP ATMG) विकसित कर रहा है। पिछले महीनों में ही आंध्र प्रदेश के कर्नूल रेंज में तीन बार इन मिसाइलों का सफल परीक्षण भी किया गया। डीआरडीओ का कहना है कि वह 2020 तक यूजर ट्रायल के लिए ये मिसाइल तैयार कर देगा।

सेना के एक अधिकारी के अनुसार, अगर डीआरडीओ अगले साल तक मिसाइल नहीं देता है, तो इस्राइल से फिर से स्पाइक मिसाइलें मंगाई जाएंगी। कैसी होगी डीआरडीओ द्वारा विकसित मिसाइल, आगे पढ़ें। 

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डीआरडीओ की नाग मिसाइल - फोटो : Prasar Bharti
यह स्वदेशी मिसाइल तीसरे जेनरेशन की होगी। 2.5 किमी तक की रेंज में आक्रमण के लिए तैयार टैंक्स को ध्वस्त कर सकेगी। इंफ्रारेड इमेजिंग तकनीक से लैस होगी, जिससे दुश्मन के टैंक की पहचान आसान हो सकेगी। 

अभी सेना के पास सेकेंड जेनरेशन मिलान-2टी (दो किमी रेंज) और कोंकर्स (4 किमी रेंज) एटीजीएम हैं। इन्हें फ्रेंच और रशियन कंपनियों ने बनाया है। लेकिन इनमें रात को लड़ने की क्षमता नहीं है।

बता दें कि इसके पहले 2017 में भारत ने 8,356 स्पाइक मिसाइलों, 321 लॉन्चर्स और 15 सिमुलेटर्स की एक डील रद्द कर दी थी। वह डील करीब 3200 करोड़ रुपये की थी।

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