Self-control: आज तकनीक ने हमें तेज जरूर बना दिया है, लेकिन कहीं न कहीं इस रफ्तार ने हमारी शांति और ध्यान को छीन लिया है। माइक्रोसॉफ्ट की एक रिपोर्ट बताती है कि एक औसत कर्मचारी दिन भर में सैकड़ों ई-मेल और चैट संदेशों का सामना करता है। इससे उसका दिमाग हरदम व्यस्त और मन थका हुआ महसूस करता है। वहीं छात्रों की पढ़ाई और डिजिटल स्क्रीन के बीच भी संतुलन बिगड़ता जा रहा है। ऐसे में, सबसे बड़ा कौशल है खुद पर नियंत्रण रखना।
इसी वजह से आज माइंडफुलनेस, डिजिटल डिटॉक्स और बैलेंस्ड लाइफ जैसे शब्द ट्रेंड बन चुके हैं। इस लेख के जरिये कुछ ऐसे ही टिप्स साझा किए जा रहे हैं, जो तनाव, डिजिटल दवाव व मानसिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाते हुए एक स्वस्थ और प्रभावशाली जीवन जीने में मदद करेंगे।