(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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नौकरियों की भरमार
भारत में सैमसंग, ह्युंडई, एलजी, किआ और पोस्को जैसी बड़ी कोरियाई कंपनियों में ऐसे कर्मचारियों की जरूरत होती है, जो कोरियाई भाषा, संचार शैली और कार्यसंस्कृति को समझते हों। इसके अलावा अनुवादक, दुभाषिया, टूर गाइड और अंतरराष्ट्रीय व्यापार सलाहकार जैसे क्षेत्रों में भी इनकी मांग बढ़ रही है।
कोरियाई दूतावास, कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र और कई शिक्षण संस्थान भी प्रशिक्षित शिक्षकों की तलाश करते रहते हैं। साथ ही फ्रीलांसिंग, ऑनलाइन शिक्षण, यूट्यूब कंटेंट निर्माण और मीडिया सबटाइटलिंग जैसे क्षेत्रों में भी इस भाषा का ज्ञान लाभदायक साबित हो रहा है।