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Doctor: यूनानी डॉक्टर बनने का सपना? BUMS कोर्स के बाद बेहतरीन ऑप्शन; जानें एडमिशन से लेकर करियर तक की जानकारी

Tue, 15 Apr 2025 11:51 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Unani Doctor: अगर आपका सपना यूनानी डॉक्टर बनने का है, तो BUMS कोर्स आपके लिए सही रास्ता हो सकता है। इस कोर्स के बाद आप क्लिनिकल प्रैक्टिस, सरकारी/प्राइवेट अस्पतालों, रिसर्च, या यूनानी दवा इंडस्ट्री में करियर बना सकते हैं। यहां जानें कौन-कौन से कॉलेज बेस्ट हैं और आगे क्या-क्या मौके मिल सकते हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
Doctor: भारत में यूनानी चिकित्सा एक पारंपरिक और असरदार उपचार तरीका है, जिसकी शुरुआत यूनान (ग्रीक) से हुई थी। इस पद्धति में शरीर के चार मुख्य तत्वों- खून, बलगम (mucus), पित्त (bile) और काला पित्त (black bile) के संतुलन पर ध्यान दिया जाता है। यूनानी डॉक्टर इस पद्धति का इस्तेमाल करते हुए हर्ब्स, दवाइयां और लाइफस्टाइल से जुड़ी सलाह देकर लोगों का इलाज करते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

यूनानी डॉक्टर बनने के लिए आवश्यक तैयारी

अगर कोई छात्र यूनानी डॉक्टर बनना चाहता है, तो उसे सही तरीके से तैयारी करनी होती है। सबसे पहले, छात्र को 12वीं कक्षा विज्ञान (PCB-फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) से पास करना जरूरी होता है। 12वीं में कम से कम 50% अंक होना चाहिए और बायोलॉजी विषय पढ़ना जरूरी है।

इसके बाद, उसे यूनानी चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा स्नातक (BUMS) कोर्स करना होता है। यह कोर्स यूनानी चिकित्सा का मुख्य अंडरग्रेजुएट कोर्स है, जो 5 साल 6 महीने का होता है। इसमें 4.5 साल की थ्योरी और प्रैक्टिकल पढ़ाई होती है, और फिर एक साल का इंटर्नशिप होता है, जिसमें छात्र मरीजों का इलाज करके अनुभव प्राप्त करता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

यूनानी चिकित्सा की गहरी समझ और अभ्यास

BUMS कोर्स में छात्रों को यूनानी चिकित्सा पद्धति के आधारभूत सिद्धांतों, शरीर रचना विज्ञान (एनाटमी), निदान (Diagnosis), यूनानी दवाइयों की जानकारी, नाड़ी परीक्षण (Pulse testing), यूनानी फार्मेसी और हर्ब्स के उपयोग के बारे में सिखाया जाता है। इसके अलावा, इस कोर्स में आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों की भी समझ दी जाती है ताकि डॉक्टर को दोनों चिकित्सा पद्धतियों का सही ज्ञान हो।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

इन कॉलेजों में ले सकते हैं दाखिला

बीयूएमएस (BUMS) कोर्स में दाखिला के लिए छात्रों को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) परीक्षा पास करनी होती है। यह एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसमें अच्छे अंक प्राप्त करने पर छात्र सरकारी और निजी यूनानी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पा सकते हैं।

कुछ प्रमुख कॉलेज इस प्रकार है:
  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
  • जामिया हमदर्द (दिल्ली)
  • मौलाना आजाद यूनानी मेडिकल कॉलेज (हैदराबाद)
  • राज्य यूनानी कॉलेज (प्रयागराज)
  • टिब्बिया कॉलेज (पटना)
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

BUMS के बाद करियर के विकल्प

इस कोर्स को पूरा करने के बाद, छात्रों के पास कई करियर विकल्प होते हैं। यूनानी चिकित्सा के क्षेत्र में एक पेशेवर डॉक्टर के रूप में कई प्रकार की नौकरियां और अवसर उपलब्ध होते हैं:

प्रैक्टिस और क्लिनिक: आप अपना खुद का यूनानी क्लिनिक खोल सकते हैं और मरीजों का इलाज कर सकते हैं। इसके लिए आपको राज्य चिकित्सा परिषद से लाइसेंस प्राप्त करना होगा।

हॉस्पिटल्स और मेडिकल संस्थान: कई सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल्स में यूनानी डॉक्टरों की आवश्यकता होती है। आप एक यूनानी चिकित्सक के रूप में अस्पतालों में काम कर सकते हैं।

शिक्षण और शोध कार्य: यदि आप शिक्षण में रुचि रखते हैं, तो आप यूनानी चिकित्सा में शिक्षण कार्य कर सकते हैं या रिसर्च और अध्ययन में भी योगदान दे सकते हैं।

स्वास्थ्य संगठन और आयुष मंत्रालय: आयुष मंत्रालय के तहत कई सरकारी और निजी संस्थानों में यूनानी चिकित्सा के विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। आप सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों में भी कार्य कर सकते हैं।

फार्मास्युटिकल कंपनियां: यूनानी दवाओं के उत्पादन और विपणन में भी करियर के अवसर होते हैं। आप यूनानी दवाओं के निर्माण, विपणन और गुणवत्ता नियंत्रण में काम कर सकते हैं।
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