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PPC 2025: सद्गुरु की बच्चों को सीख, खेल-खेल में करें पढ़ाई तो नहीं लगेगी मुश्किल; दिमाग की बेहतर देखभाल जरूर

Sun, 16 Feb 2025 08:16 AM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Pariksha Pe Charcha 2025: ईशा फाउंडेशन के संस्थापक और आध्यात्मिक नेता सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के आठवें संस्करण के पांचवें एपिसोड में कहा कि छात्रों को मजेदार तरीके से सीखने और परीक्षा से पहले तनाव से बचने के लिए अपने अंदाज में मंत्र दिए तो उन्हें जरूरत से ज्यादा सोचने से बचने के लिए कुछ सुझाव भी दिए।
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : X (@DDSaptagirivja)
Pariksha Pe Charcha 2025: पाठ्य पुस्तकें बुद्धिमानी के लिए चुनौती नहीं है और तनाव का मतलब है कि दिमाग को बेहतर देखभाल की जरूरत है। यह बातें ईशा फाउंडेशन के संस्थापक और आध्यात्मिक नेता सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा सालाना कार्यक्रम के आठवें संस्करण के पांचवें एपिसोड में शनिवार (15 फरवरी) को कहीं। इस दौरान उन्होंने मिरेकल ऑफ माइंड यानी दिमाग के चमत्कार पर बात करते हुए छात्रों को मजेदार तरीके से सीखने और परीक्षा से पहले तनाव से बचने के लिए अपने अंदाज में मंत्र दिए तो उन्हें जरूरत से ज्यादा सोचने से बचने के लिए कुछ सुझाव भी दिए।

सद्गुरु ने कहा कि पाठ्यपुस्तकें किसी की बुद्धिमत्ता के लिए मुश्किल नहीं होतीं। चाहे कोई छात्र पहले स्कूल में अच्छा किया हो या नहीं, किताबों में जो ज्ञान है, उसे समझना किसी के लिए भी असंभव नहीं है। असली परेशानी यह है कि छात्र पढ़ाई को किस तरह से देखते हैं, अगर वे इसे एक बोझ समझेंगे, तो यह मुश्किल लगेगी। लेकिन अगर वे इसे मजेदार तरीके और खेल की तरह सीखेंगे, तो पढ़ाई मुश्किल नहीं लगेगी।

अगर कोई छात्र पढ़ाई करते समय तनाव महसूस करता है, तो इसका मतलब है कि उसके दिमाग को बेहतर देखभाल मसलन सही आराम, तनावमुक्त होने और सकारात्मक सोच की जरूरत है। जब दिमाग स्वस्थ और तरोताजा होगा, तो पढ़ाई भी आसान और आनंददायक लगेगी।
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube (MyGov India)

बुद्धिमता का मतलब जीवन को गहराई से महसूस करना 

सद्गुरु ने कहा, मैं आपसे कह रहा हूं कि पढ़ाई की किताबें आपकी बुद्धिमता के लिए चुनौती नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा, आप इसे एक खास तरीके से करते हुए नाहक ही पढ़ाई को खुद के बना रके लिए मुश्किल बना रहे हों। अगर आप इसे खेल-खेल में पढ़ेंगे तो आपकी पाठ्यपुस्तक आपके लिए चुनौती नहीं बनेगी। उन्होंने कहा, बुद्धिमत्ता का मतलब सिर्फ काम की चीजें जानना नहीं है, बल्कि यह जीवन को गहराई से अनुभव करने में मदद करती है।
 
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube (MyGov India)

हर कोई दुनिया में छा सकता है

सद्गुरु ने कहा कि दुनिया में हर कोई चमक सकता है और ऐसी चीजें कर सकता है जो दूसरे कल्पना तक नहीं कर सकते, क्योंकि हर इंसान के पास अपनी योग्यता दिखाने और अद्भुत चीजें करने की क्षमता होती है। लेकिन अक्सर लोग कोशिश नहीं करते, जिससे उनकी प्रतिभा छिपी रह जाती है। उन्होंने कहा कि स्कूल, शिक्षा और परीक्षाएं केवल अंकों के लिए नहीं, बल्कि जिज्ञासा बढ़ाने और दिमाग की क्षमता पूरी तरह विकसित करने के लिए होती है। ये आपके दिमाग के चमत्कारों को बाहर लाती है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रेन मैपिंग पर किए गए वैज्ञानिक शोध दर्शाते हैं कि जब लोग शांभवी महामुद्रा ध्यान का अभ्यास करते हैं, तो उनके दिमाग का एक बड़ा हिस्सा प्रकाशित (सक्रिय) हो जाता है। उनका मानना है कि हर किसी के दिमाग में यह जागरूकता आनी चाहिए।

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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube (MyGov India)

ज्ञान और बुद्धि तक सही पहुंच बनाती है कामयाब 

सद्गुरु ने कहा कि कामयाब होने के लिए छात्रों को सही तरीके से ज्ञान और बुद्धि तक पहुंच बनानी होगी। उन्होंने समझाया कि बुद्धिमत्ता किसी और से तुलना करने की चीज नहीं है। बजाय यह सोचने के कि क्या मैं उतना बुद्धिमान हूं जितना कोई और? छात्रों को यह समझना चाहिए कि हर व्यक्ति की अपनी अनोखी क्षमता होती है। उन्होंने आगे कहा, ऐसी कोई बात नहीं है। यह एक मजाक है जो दुनिया में फैलाया गया है। यह एक गलत धारणा है कि कुछ लोग स्वाभाविक रूप से दूसरों से अधिक बुद्धिमान होते हैं।
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Pariksha Pe Charcha 2025 - फोटो : Youtube (MyGov India)

प्रधानमंत्री ने की थी सद्गुरु एपिसोड देखने की खास अपील

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खासतौर से एक दिन पहले ही परीक्षा पे चर्चा के सद्गुरु वाले चौथे एपिसोड को लेकर एक्स हैंडल माईगवर्नमेंटइंडिया पर डाली पोस्ट में लिखा, जब संपूर्ण स्वास्थ्य और मानसिक शांति की बात आती है, तो सद्गुरु हमेशा सबसे प्रेरणादायक शख्सियतों में से एक होते हैं। मैं सभी एग्जाम वॉरियर्स और यहां तक कि उनके माता-पिता और शिक्षकों से भी कल, 15 फरवरी को परीक्षा पे चर्चा एपिसोड देखने का आग्रह करता हूं।
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