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एआई और कानून में बीए करने का मौका: केंद्रीय कानून मंत्री का एलान; दिल्ली में आयोजित सेमिनार में किया गया लॉन्च

Sun, 19 Jan 2025 07:23 AM IST
अभिषेक दीक्षित अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दिल्ली में विश्वविद्यालय के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और लॉ विषय पर आयोजित सेमिनार में बीए इन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड लॉ कार्यक्रम को लॉन्च किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संस्थापक, चांसलर व सांसद नवीन जिंदल भी मौजूद रहे।
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एआई और कानून में बीए करने का मौका - फोटो : Amar Ujala
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शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रों को बीए इन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड लॉ कार्यक्रम की पढ़ाई का मौका मिलेगा। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी का दावा है कि यह देश का पहला एआई आधारित बीए प्रोग्राम है।
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केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल। - फोटो : अमर उजाला।
तीन वर्षीय इस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश सीयूईटी यूजी 2025, क्लैट यूजी (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट), एलएनएटी -यूके (नेशनल एडमिशन टेस्ट फॉर लॉ) या जेएसएटी -लॉ (जिंदल स्कॉलैस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट) 2025 की मेरिट से मिलेगा। उम्मीदवार को इस प्रोग्राम के लिए 124 क्रेडिट हासिल करने होंगे।
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अर्जुन राम मेघवाल, कानून मंत्री - फोटो : X / @arjunrammeghwal
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दिल्ली में विश्वविद्यालय के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और लॉ विषय पर आयोजित सेमिनार में बीए इन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड लॉ कार्यक्रम को लॉन्च किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संस्थापक, चांसलर व सांसद नवीन जिंदल भी मौजूद रहे।

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अर्जुन राम मेघवाल - फोटो : PTI
मेघवाल ने कहा कि हम 21वीं सदी में हैं। आज प्रौद्योगिकी का युग है। हमें प्रौद्योगिकी के साथ उभरती चुनौतियों का भी समाधान करना होगा। लंबित अदालती मामलों को सुलझाने और अनुवाद में प्रौद्योगिकी काफी मदद कर सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) से बेहतर काम किया जा सकता है।
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अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री - फोटो : X / @arjunrammeghwal
तकनीकी कानून, एआई नीति-निर्माण, नैतिक शासन में कॅरिअर बना सकेंगे छात्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम से स्नातक हुए छात्र तकनीकी कानून, एआई नीति-निर्माण, अनुपालन और नैतिक शासन जैसे क्षेत्रों में कॅरिअर बना सकेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सी. राज कुमार ने कहा कि एआई का कानूनी क्षेत्र पर अहम प्रभाव पड़ेगा। इससे कानूनी विश्लेषण को बढ़ावा मिलेगा। एआई-संचालित उपकरण, जैसे कि प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, कानूनी पेशे को बदल रहे हैं। उदाहरण के लिए अमेरिका में लेक्स माशिना जैसे उपकरण ऐतिहासिक डाटा के आधार पर मामलों के परिणामों की भविष्यवाणी करते हैं।
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