विक्रम लैंडर
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बस कुछ ही घंटों में हमारा विक्रम लैंडर अंधेरे में चला जाएगा। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर रात के समय तापमान माइनस 180 सेल्सियस तक चला जाता है। क्योंकि हमारा विक्रम लैंडर रेडियोआईसोटोप हीटर यूनिट्स से लैस नहीं है, यह इतने कम तापमान को सहन नहीं कर पाएगा।