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National Education Day 2024: क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय शिक्षा दिवस? जानें इसके पीछे का इतिहास और महत्व

Sun, 10 Nov 2024 03:25 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

National Education Day 2024: देश हर साल 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मनाएगा। इस दिन भारत के महान स्वतंत्रता संग्राम नेता मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती है। इस अवसर पर, विभिन्न पृष्ठभूमि के लोग महान दूरदर्शी और भारत के पहले शिक्षा मंत्री को श्रद्धांजलि देते हैं।
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National Education Day 2024 - फोटो : PC : X (formerly known as Twitter) @INCMinority
National Education Day 2024: भारत में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय शिक्षा दिवस मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जो एक प्रभावशाली स्वतंत्रता सेनानी, विद्वान और स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री थे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा 2008 में स्थापित, यह दिन शिक्षा के क्षेत्र में आजाद के योगदान और एक शिक्षित और प्रगतिशील भारत के लिए उनके दृष्टिकोण का सम्मान करता है। 
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National Education Day 2024 - फोटो : freepik
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस एक समान और सशक्त समाज के निर्माण में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है। इस वर्ष, राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2024 राष्ट्र की शैक्षिक यात्रा और आकांक्षाओं को उजागर करने के लिए नए अवसर लेकर आया है।
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National Education Day 2024 - फोटो : freepik
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस का इतिहास
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के इतिहास की जड़ें मौलाना अबुल कलाम आजाद के शैक्षिक सुधारों और पहलों से जुड़ी हुई हैं। शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) सहित भारत के कुछ सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की नींव रखी। उनका दृष्टिकोण शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना था, गुणवत्ता और पहुंच में अंतर को पाटना था।

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National Education Day 2024 - फोटो : freepik
भारत सरकार ने आजाद की विरासत का सम्मान करने के लिए 2008 में 11 नवंबर को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में घोषित किया। उनका दृढ़ विश्वास था कि शिक्षा व्यक्तियों और समुदायों का उत्थान कर सकती है, और इस उद्देश्य के लिए उन्होंने स्वतंत्र भारत के लिए एक मजबूत शैक्षिक ढांचा स्थापित करने के लिए अथक प्रयास किया। 
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National Education Day 2024 - फोटो : freepik
वैज्ञानिक और तकनीकी शिक्षा पर आजाद का ध्यान आज भी प्रासंगिक है, खासकर तब जब भारत वैश्विक ज्ञान केंद्र बनने की दिशा में काम कर रहा है। 2008 से राष्ट्रीय शिक्षा दिवस एक ऐसा आयोजन बन गया है जो साक्षरता को बढ़ावा देता है, शैक्षिक चुनौतियों पर चर्चा करता है और सीखने को अधिक समावेशी बनाने के लिए सुधारों को प्रोत्साहित करता है।
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National Education Day 2024 - फोटो : freepik
मौलाना अबुल कलाम आजाद का योगदान
भारत के पहले शिक्षा मंत्री के रूप में, उन्होंने स्वतंत्रता के बाद के भारत में ग्रामीण गरीबों और लड़कियों को शिक्षा प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया। उनकी प्राथमिकताओं में वयस्क साक्षरता को बढ़ावा देना, 14 वर्ष की आयु तक के सभी बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा सुनिश्चित करना, सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा का विस्तार करना और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर जोर देते हुए माध्यमिक शिक्षा में विविधता लाना शामिल था।
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National Education Day 2024 - फोटो : freepik
मौलाना अबुल कलाम आजाद का योगदान स्वतंत्रता आंदोलन से कहीं आगे तक गया। शिक्षित, धर्मनिरपेक्ष और एकीकृत भारत के लिए उनका दृष्टिकोण कई मायनों में देश की प्रगति को आकार दे रहा है।
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